मिहींपुरवा (बहराइच)। आतंक का पर्याय बनी मादा तेंंदुआ आखिरकार बुधवार की रात पिंजरे में कैद हो गई। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने उसे वन रेंज कार्यालय पहुंचाया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे ट्रांस गेरुआ के जंगल में छोड़ दिया गया।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाड़ा वन रेंज के भट्टा बरगदहा गांव में बीरी छह जनवरी को मादा तेंदुआ दो ग्रामीणों के घर घुस गई थी और उन्हें घायल कर दिया था। हांका लगाने पर भागते समय भी उसने तीन ग्रामीणों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। दो ग्रामीणों का इलाज अभी भी मेडिकल कॉलेज बहराइच में चल रहा है।
हमले के बाद से ग्रामीणों में दहशत थी। सात जनवरी को वन विभाग ने गांव के पास पिंजरा लगाया था। पांच दिनों तक चकमा देने के बाद बुधवार की रात मादा तेंदुआ बकरी खाने के चक्कर में पिंजरे में कैद हो गई।
मादा है पकड़ी गई तेंदुआ
डीएफओ बी. शिवशंकर ने बताया कि पिंजरे में कैद तेंदुआ मादा है और पूरी तरह स्वस्थ है। जांच में उसका वजन 45 से 50 किलोग्राम और उम्र लगभग छह साल है। मादा तेंदुए को ट्रांस गेरुआ के पार छोड़ा जाएगा।
पांच माह में पकड़े गए 11 तेंदुए
- 30 सितंबर 2024 को ककरहा वन रेंज के ग्राम धरमपुर में।
- 1 अक्तूबर 2024 को सुजौली वन रेंज के सुजौली गांव में।
- 3 अक्तूबर 2024 को सुजौली वन रेंज के अयोध्यापुरवा गांव में।
- 4 अक्तूबर 2024 को ककरहा वन रेंज के ग्राम पचासा में।
- 9 अक्तूबर 2024 ककरहा वन रेंज के ग्राम बेझा में।
- 17 अक्तूबर 2024 को सुजौली वन रेंज के अयोध्यापुरवा गांव में।
- 20 अक्तूबर 2024 को ककरहा वन रेंज के पकड़िया में।
- 22 अक्तूबर 2024 को ककरहा वन रेंज के गंगापुर में।
- 22 नवंबर 2024 को कतर्नियाघाट वन रेंज के सीतारामपुरवा में।
- 16 जनवरी 2025 को ककरहा वन रेंज के तमोलिनपुरवा में।
-12 फरवरी को निशानगाड़ा वन रेंज के भट्ठा बरगदहा में।