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फीस बिना डॉक्टर ने नहीं किया इलाज, मासूम की मौत

Thu, 09 Jun 2016 10:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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एक ग्रामीण के मासूम बेटे की तबियत बुधवार रात बिगड़ गई। वह देर रात बेटे को लेकर पीएचसी बेहड़ा पहुंचा लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिले। इस पर वह चिकित्सक के घर पहुंचा। काफी देर बाद डॉक्टर ने खिड़की खोली और फीस के पैसे मांगे।
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पैसे के बिना इलाज से इंकार कर दिया। ग्रामीण किसी तरह भोर में बेटे को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचा यहां से उसे लखनऊ जाने की सलाह दी गई। उस दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। इस पर रोते-बिलखते परिवारीजन शव लेकर घर लौट गए। पिता की शिकायत पर सीएमओ से मामले की जांच शुरू कराई है।

खैरीघाट क्षेत्र में गैल नयापुरवा नरोत्तमपुर निवासी मल्हू जायसवाल के मुताबिक उसकी पत्नी जानकी देवी का प्रसव 23 मई को पीएचसी बेहड़ा में हुआ था। पत्नी ने बेटे को जन्म दिया लेकिन 11 दिन बाद बेटे की तबियत अचानक बिगड़ गई। उसे बुखार के साथ सांस की बीमारी थी।
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इस पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डा. आरके तिवारी को मल्हू ने दिखाया। मल्हू का कहना है कि बुधवार रात बेटे की तबियत अचानक बिगड़ गई। उसकी सांस तेज चलने लगी। इस पर वह बेटे को लेकर रात 11 बजे के करीब पीएचसी पहुंचा। वहां पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि डॉक्टर घर पर मिलेंगे।

मल्हू का आरोप है कि वह बेटे को लेकर चिकित्सक के घर पहुंचा। काफी देर तक दस्तक देने के बाद चिकित्सक ने दरवाजा खोला। लेकिन रात में इलाज की कोई व्यवस्था न होने की बात कहकर घर में चले गए और दरवाजा बंद कर लिया।

मल्हू के मुताबिक उसके गिड़गिड़ाने पर चिकित्सक ने खिड़की खोलकर फीस मांगी। मल्हू ने पैसे नहीं होने की बात कही। इस पर चिकित्सक ने खिड़की बंद कर दी। मल्हू का कहना है कि वह बेटे को लेकर घर गया।

ग्रामीणों की मदद से वाहन का इंतजाम कर जिला अस्पताल पहुंचा। वहां डाक्टरों ने हालत गंभीर होने की बात कहते हुए लखनऊ ले जाने की सलाह दी। लेकिन उसी दौरान मासूम की मौत हो गई। इस पर परिवारीजन रोते बिलखते शव लेकर घर लौट गए। 
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