ससुराल में आयोजित मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होकर शुक्रवार की रात घर लौट रहे दंपती को रास्ते में रमवापुर गांव के पास बाईपास मार्ग पर बदमाशों ने रोक लिया और कट्टे से डराकर तलाशी ली। बदमाशों ने विरोध करने पर पति-पत्नी को पीटा और फिर पेड़ से बांध दिया। इसके बाद बदमाशों ने दोनों से नकदी, जेवरात व अन्य सामान लूट लिया। उधर से गुजरे राहगीरों ने काफी देर बाद दोनों को मुक्त कराया। पीड़ित दंपती ने थाने मेें घटना की तहरीर दी है, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है।
खैरीघाट थाना क्षेत्र के त्रियुगीपुरवा निवासी बिंदेश्वरी प्रसाद (48) की ससुराल सीतापुर जिले के रेउसा क्षेत्र में है। गुरुवार को बिंदेश्वरी प्रसाद की ससुराल में वैवाहिक कार्यक्रम था। उसमें शामिल होने के लिए वह अपनी पत्नी हेमलता के साथ बाइक से गए थे। शुक्रवार शाम को लौटने में देर हो गई।
करीब रात आठ बजे बिंदेश्वरी प्रसाद पत्नी को बाइक पर बिठाकर जब चहलारीघाट पुल से घर लौट रहे थे, तभी रमवापुर गांव के पास बाईपास मार्ग पर नकाबपोश बदमाशों ने दंपती को रोक लिया और कट्टे से धमकाकर उनकी तलाशी लेनी शुरू कर दी। पति के विरोध करने पर उसकी कट्टे की बट से पिटाई की।
लुटेरों ने दंपती को मौके पर ही उनके गमछे से पेड़ से बांध दिया। इसके बाद बदमाशों ने पत्नी से सवा लाख के सोने-चांदी के जेवरात, बैग में रखे आठ हजार रुपये व ससुराल से मिला अन्य सामान लूट लिया भाग गए गए।
देर रात उधर से गुजरे राहगीरों ने दोनों को मुक्त कराया। बिंदेश्वरी प्रसाद का कहना है कि रात में ही उन्होंने थाने पहुंचकर तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने प्रार्थना पत्र लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं इस मामले में थानाध्यक्ष हरदी निर्भय नारायण सिंह का कहना है कि लूट का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। मामला प्रकाश में आने पर जांच कर कार्रवाई करेंगे। पीड़ित बिंदेश्वरी प्रसाद ने बताया कि चार बदमाश थे। उन्होंने उनकी मोटरसाइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। साथ ही जानमाल की धमकी दी। किसी तरह उनकी जान बची।