मिहींपुरवा। भारत-नेपाल सीमा से सटे कतर्नियाघाट के जंगलों में कमजोर मोबाइल नेटवर्क और संचार व्यवस्था का मुद्दा लोकसभा में उठा। बहराइच के सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड के सवाल पर केंद्र सरकार ने स्वीकार किया कि नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या के कारण गिरिजापुरी कॉलोनी स्थित सब्सक्राइबर सर्विस ऑफिस (एसएसओ) को करीब आठ किलोमीटर दूर स्थानांतरित करना पड़ा। हालांकि सरकार ने जिले के अधिकांश गांवों में मोबाइल और 4जी सेवा उपलब्ध होने का दावा किया है।
लोकसभा में तारांकित प्रश्न संख्या-150 के उत्तर में संचार मंत्रालय ने बताया कि गिरिजापुरी स्थित एसएसओ कार्यालय को 17 मई 2024 को मटेही चफरिया स्थानांतरित किया गया। मंत्रालय के अनुसार एसएसओ का सेवा क्षेत्र पहले की तरह यथावत है और गिरिजापुरी क्षेत्र में बीएसएनएल की मोबाइल सेवा उपलब्ध है।
सरकार के अनुसार जिले के 1390 गांवों में से 1389 गांव मोबाइल नेटवर्क और 1383 गांव 4जी सेवा से आच्छादित हैं। बावजूद इसके नेटवर्क समस्या के कारण एसएसओ का स्थानांतरण सीमावर्ती वन क्षेत्रों में संचार व्यवस्था की कमजोर कड़ी को उजागर करता है।
सांसद के सवाल से खुली हकीकत
सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड ने लोकसभा में भारत-नेपाल सीमा से सटे वन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और डाक सेवाओं की स्थिति का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में संचार मंत्रालय ने बताया कि गिरिजापुरी कॉलोनी में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या के कारण वहां संचालित एसएसओ कार्यालय को स्थानांतरित किया गया। सरकार के जवाब से सीमावर्ती जंगलों में निर्बाध संचार सुविधा की चुनौती सामने आई है।
नौ नए मोबाइल टावर लगाए गए
सरकार के अनुसार 30 जून 2026 तक भारतनेट परियोजना के तहत जिले की 454 ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड से जोड़ा जा चुका है। वहीं मोबाइल कनेक्टिविटी परियोजना के तहत नौ नए मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। इनसे 12 गांवों और अन्य स्थानों को नेटवर्क सुविधा मिलने का दावा किया गया है।
फैक्ट फाइल
17 मई 2024 को गिरिजापुरी एसएसओ आठ किमी दूर मटेही चफरिया स्थानांतरित
1390 में से 1389 गांवों में मोबाइल नेटवर्क होने का दावा
1383 गांवों तक 4जी सेवा पहुंची, भारतनेट से 454 ग्राम पंचायतें जुड़ीं, नौ नए मोबाइल टावर स्थापित
12 गांवों व अन्य स्थानों को मिला नेटवर्क का लाभ