भीषण गर्मी के चलते मार्ग पर पसरा सन्नाटा।
श्रावस्ती। तराई में मंगलवार को पारा 41 डिग्री सेल्सियस रहा। आग उगल रहीं सूरज की किरणें व गर्म पछुआ हवा से लोग बेहाल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों व मुख्य मार्ग के किनारे लगे खराब हैंडपंप लोगों की परेशानी और बढ़ा रहे हैं।
वैशाख मास के दूसरे सप्ताह में पारा 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। साथ ही तेज गर्म हवा भी लोगों को झुलसा रही है। गर्म हवा के कारण विद्युत उपकरण भी लोगों को कोई खास राहत न दिला सके। इस बीच बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती से लोगों को गर्मी से बेहाल देखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग उमस भरी गर्मी से बचने के लिए बाग-बगीचों का सहारा लेने को मजबूर रहे। जबकि नगरीय क्षेत्रों में लोग विद्युत उपकरण पर ही निर्भर हैं। मौसम के मिजाज में फिलहाल नर्मी के संकेत न मिलने के कारण लोगों को जेठ मास में होने वाली तपन की चिंता सताने लगी है।
बसों की किल्लत से बढ़ी परेशानी
इस समय सहालग चल रही है। घरों में विवाह व दिरागमन जैसे मांगलिक आयोजन हो रहे हैं। इसमें शामिल होने के लिए लोग मौसम की परवाह किए बगैर आ-जा रहे हैं। इनके आवागमन की राह में संसाधनों का अभाव बाधा है। ज्यादातर बसों व छोटे वाहनों के बुकिंग में चले जाने के कारण लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है। लोग यात्री वाहन न मिलने पर भार वाहनों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
विद्यालय का समय बदलने की मांग
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिला इकाई व उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने बीएसए से विद्यालयों का समय बदलने की मांग की है। शिक्षकों व शिक्षामित्रों का कहना है कि तेज धूप के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। ऐसे में विद्यालय का समय सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक करने की मांग की है। इस पर बीएसए अजय सिंह ने बताया कि डीएम से बात की जाएगी। उनके निर्देश पर ही समय बदला जा सकता है।