चैत अभी बीता नहीं है, लेकिन गर्मी अपना सितम ढाने लगी है। चिलचिलाती धूप लोगों के पसीने छुड़ा रही है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने गर्मी ने पिछले सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सिर्फ अधिकतम में ही नहीं बल्कि न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। सुबह नौ बजे के बाद से ही धूप बर्दाश्त नहीं होती तो रात में भी गर्मी लोगों को परेशान करती है। इससे स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं।
सड़कों पर पसरा सन्नाटा
शनिवार को जिले का तापमान 42.5 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तेज गर्मी की वजह से दिन में सड़क सूनी होने लगीं हैं। दिन ही नहीं रात के तापमान में भी वृद्धि हुई है। रात का तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ने की संभावना है।
16 अप्रैल को पिछले सात साल का तापमान (डिग्री सेल्सियस मेें)-
साल अधिकतम न्यूनतम
2016 42.5 25.8
2015 38 21
2014 35 21
2013 36 22
2012 34 20
2011 36 22
2010 37 23
राहत की उम्मीद कम
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी व मौसमविद् डॉ. एमवी सिंह ने आगे भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम जताई है। कहा कि आने वालों दिनें में तापमान में करीब 03 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
अप्रैल में गर्मी किस कदर कहर बरपा रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले सात सालों में अप्रैल माह में इतना अधिक तापमान नहीं पहुंचा, जितना इस साल पहुंच गया है। ऐसी स्थिति ग्लोबल वार्मिंग के चलते हो रही है। यदि अब नहीं चेते तो इसका खामियाजा आने वालों सालों में ज्यादा भुगतना पड़ेगा।
ताजा और सुपाच्य भोजन करें
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. पारितोष मिश्रा कहते हैं कि गर्मी में हल्का, ताजा और जल्दी पचने वाला भोजन करें। भूख से कम खाएं और पानी ज्यादा पिएं। रसीले फल जैसे, तरबूज, आम, संतरा, अंगूर, खरबूजा आदि से पेट भी भरेगा और ये शरीर में पानी की जरूरत की पूर्ति भी करेंगे। इसके अलावा गर्मी के मौसम में ठोस आहार के बजाए तरल पेय पदार्थ जैसे ठंडा पानी, नीबू पानी, नींबू शिकंजी, शर्बत, आम का पना, फलों का रस, छाछ, लस्सी ज्यादा मात्रा में लें।
शासन के निर्देश का कर रहे इंतजार
अभी बहराइच का तापमान अन्य जनपदों की अपेक्षा सामान्य है। फिलहाल विद्यालय भी प्रथम पाली में ही संचालित हो रहे हैं। दोपहर में कुछ गर्मी जरूर है। लेकिन शासन का दिशा निर्देश अब तक नहीं मिला है। शासन के निर्देश मिलने पर उसी के अनुरूप विद्यालयों के समय परिवर्तन की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अमरकांत सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी