फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bahraich News: किसानों का 134.51 करोड़ दबाए बैठी हैं जिले की चीनी मिलें

Mon, 17 Feb 2025 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
विज्ञापन
 विशेश्वरगंज क्षेत्र में गन्ना तौल केंद्र पर खड़ी ट्राली।
विज्ञापन
बहराइच। गन्ना की खेती करने के बाद भी किसानों के हाथ खाली हैं। इसका प्रमुख कारण चीनी मिलों की बकायेदारी है। मिल संचालक किसानों के 134.51 करोड़ रुपये दबाए बैठे हैं और किसान रुपयों के अभाव में उधार की जिंदगी जी रहे हैं। सबसे ज्यादा पैसा चिलवरिया चीनी मिल का बकाया है। इसके बाद नानपारा पैसे देने में पीछे है। जरवल व परसेंडी चीनी मिलें ही किसानों को समय से भुगतान कर रही है।
विज्ञापन


गन्ना नकदी फसल है। लेकिन जिले के गन्ना किसानों के हाथ गन्ना बेचने के बाद भी खाली हैं। जिले में चार चीनी मिल हैं, जहां गन्ना किसान अपनी फसल बेचते हैं। चिलवरिया चीनी मिल को विगत वित्तीय वर्ष में गन्ना बेचा गया था। इसमें से करीब 1,200 किसानों का 56 करोड़ 51 लाख रुपये अभी बाकी है। इसकी अदायगी न होने के बावजूद इस वर्ष भी गन्ना किसानों ने अपनी फसल इस चीनी मिल को बेच दिया।
इस वर्ष का भी 69 करोड़ रुपये गन्ना किसानों का मील पर बाकी है। इस पैसे के लिए किसान कभी मील तो कभी गन्ना समिति के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। यही स्थिति नानपारा चीनी मिल की भी है। इस मील पर किसानों का पुराना बकाया तो नहीं है, लेकिन इस वर्ष का ही करीब नौ करोड़ रुपये बकाया है। जिसके भुगतान के लिए किसान चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन


14 दिनों में भुगतान का नियम
चीनी मिलों को किसानों से खरीदे गए गन्ने का भुगतान 14 दिनों के अंदर करने का नियम है। यूपी के मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि सभी चीनी मिल किसानों का समय से भुगतान करें। लेकिन जिले की चीनी मिलें किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान करने में लापरवाही बरत रही हैं।
चिलवरिया चीनी मिल पर पुराना व इस वर्ष का भी बकाया है। कुल मिलाकर लगभग 125 करोड़ की बकायेदारी है। जिसके भुगतान के लिए लगातार पत्र लिखा जा रहा है। नानपारा चीनी मिल पर इस वर्ष की बकायेदारी है। जो पेराई सत्र समाप्त होते ही किसानों का भुगतान हो जाएगा।
विज्ञापन

- आनंद कुमार शुक्ल, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें