बहराइच। दीवानी न्यायालय के सभागार में मंगलवार को अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों का चुनाव कराया गया। देर शाम तक हुई मतगणना के बाद अध्यक्ष पद पर सूबेदार मिश्र को विजयी घोषित किया गया। संघ के चुनाव में 1151 अधिवक्ताओं ने मतदान किया। मतगणना के बाद विजयी प्रत्याशियों ने समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर जीत का जश्न मनाया।
दीवानी न्यायालय सभागार में मंगलवार को जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव के लिए सुबह 11 बजे से मतदान शुरू हुआ। इस दौरान प्रत्याशी अपने समर्थकों के संग अधिवक्ताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की गुहार लगाते रहे। तीन बजे तक संघ के सात पदों के लिए 1151 अधिवक्ताओं ने मतदान किया। चार बजे से मतगणना शुरू हुई।
करीब सात बजे के बाद मतगणना समाप्त होने पर अध्यक्ष के पद पर सूबेदार मिश्र को विजयी घोषित किया गया। उन्हें 398 मत मिले, जबकि श्रवण कुमार निगम 337 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। महामंत्री के पद पर चंद्रवीर सिंह 434 मत पाकर विजयी रहे। दूसरे दूसरे स्थान पर पुष्पांजलि नाथ मिश्रा को 366 मत ही प्राप्त हुये। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर मायाराम आजाद 389 मत पाकर विजयी हुए। उपाध्यक्ष के दो पदों पर नसरीन बेगम ने 532 व कुलभूषण मिश्रा ने 501 मत पाकर जीत हासिल की।
कनिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार द्विवेदी 794 मत पाकर विजयी रहे। ट्रेजरार के पद पर किशोरी लाल चौधरी 647 मत व संयुक्त मंत्री के पद पर अनिल कुमार मिश्रा 549 मत पाकर निर्वाचित घोषित किये गये। मतदान व मतगणना का कार्य एल्डर कमेटी के चेयरमैन रामखेलावन सिंह, अवधेश रमन प्रताप सिंह, गोविंद प्रसाद अग्रवाल, शिवनाथ सिंह, शोभाराम चौधरी, कार्यकारिणी के अध्यक्ष कृष्णमोहन श्रीवास्तव, महामंत्री रामपाल शुक्ला, चुनाव सहयोगी सुधीर गौड़, फारूक अहमद खान, बशारतउल्ला खां, प्रदीप कुमार मिश्रा की देखरेख में हुआ।
इन पदों पर पूर्व में हुआ निर्विरोध निर्वाचन
संयुक्त मंत्री पुस्तकालय के पद उमाशंकर मिश्र व संयुक्त मंत्री प्रकाशन के पद पर सतीश पाठक पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके है। वरिष्ठ सदस्य शासी परिषद के 6 व कनिष्ठ सदस्य शासी परिषद के दो प्रत्याशी भी पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
258 मत अवैध मिले
अधिवक्ता संघ के चुनाव में सात पदों पर हुये निर्वाचन कार्य के दौरान अध्यक्ष के पद के 4, महामंत्री पद के 8, वरिष्ठ उपाध्यक्ष के 22, उपाध्यक्ष के दो पदों के 14, कनिष्ठ उपाध्यक्ष के 88, ट्रेजरार के 28 और संयुक्त मंत्री प्रशासन पद के सर्वाधिक 94 मत अवैध मिले।