700 से अधिक गांवों में रात भर पसरा रहा अंधेरा, पांच लाख की आबादी प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच/फखरपुर/महसी/रिसिया/हुजूरपुर/नवाबगंज। तराई में उमस भरी गर्मी के बीच शुक्रवार की देर शाम तेज आंधीं व पानी ने दस्तक दिया। जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं बारिश होने से किसानों के भी चेहरे खिले रहे। आंधी के चलते कई दर्जन पेड़ व विद्युत पोल धराशाई हो गए। जिससे लगभग 700 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। इससे पांच लाख से अधिक की आबादी ने अंधेरे में रात गुजारी। हालांकि तापमान अधिकतम 39 डिग्री पर बना रहा।
तेज आंधी के चलते फखरपुर पावर हाउस से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जो लगभग 10 घंटे बाद बहाल हुई। वहीं ग्राम पंचायत खालिदपुर व परशुरामपुर में ट्रांसफार्मर खराब हो गया, जिससे दोनों गांवों में खबर लिखे जाने तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया शाम तक आपूर्ति बहाल करवा दी जाएगी।
आंधी-बारिश के चलते महसी उपकेंद्र के हरदी, तेजवापुर, मैगला, सोहरवा व राजीचौराहा फीडर से संचालित लगभग 150 से अधिक गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। खबर लिखे जाने तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। उपखंड अधिकारी महसी गया सिंह ने बताया कि सभी कर्मचारी बिजली सप्लाई बहाल कराने में लगे हुए हैं। तेज आंधी चलने के कारण कई जगह विद्युत पोल टूट गये और पेड़ों के गिरने से तार भी टूट गये है। मरम्मत जारी है। रिसिया क्षेत्र में आंधी-बारिश के चलते फ्यूज उड़ने से कई गांव अंधेरे में रहे।
हुजूरपुर में आंधी-बारिश के चलते चिरैयाटांड़ पावर हाऊस से जुडे दर्जनों गांवों की बिजली गुल रही। हालांकि किसानों में खुशी की लहर रही। विशेश्वरगंज क्षेत्र में आंधी के चलते पयागपुर-विशेश्वरगंज के बीच 33 हजार की लाइन ब्रेकडाउन हो गई। जिससे लगभग 500 गांव रात भर अंधेरे में रहे। सुबह लगभग 11:00 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। नवाबगंज क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन पर पेड़ की डाल गिरने से 11 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही।