बहराइच। प्रयागराज महाकुंभ में हुई भगदड़ की सूचना के बाद जिले में बैठे हजारों लोगों की धुकधुकी बढ़ी रही। सभी पूरी रात फोन लेकर बैठे रहे और महाकुंभ गए अपनों का कुशलक्षेम जानने के प्रयास में जुटे रहे। इस दौरान नेटवर्क भी विलेन बनकर सामने आया और लोगों की समस्या को और बढ़ा दिया। महाकुंभ में मौजूद परिजनों से नेटवर्क के चलते बातचीत न होने पर पूरी रात लोग परेशान रहे। हालांकि सुबह के समय अपनों के सकुशल होने की सूचना पर सभी ने राहत की सांस ली। सकुशल होने के बाद भी लोग परिजनों के प्रयागराज से बाहर निकलने तक फोन से संपर्क में बने रहे। प्रस्तुत है जितेंद्र दीक्षित की एक रिपोर्ट...
संगम नोज से 15 मीटर की दूरी पर थे, एक घंटे पानी में बिताया
मिहींपुरवा। गूढ़ निवासी मनोज तिवारी अपनी पत्नी वरूणा तिवारी व लखीमपुर खीरी निवासी रिश्तेदारों के साथ मौनी अमावस्या का अमृत स्नान करने प्रयागराज महाकुंभ गए हैं। मनोज ने बताया कि वह भगदड़ के समय संगम की नोज से लगभग 15 मीटर की दूरी पर थे। उन्होंने बताया कि रात नौ बजे से ही लंबी लाइन लग गई थी। भगदड़ के समय सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु नोज पर लेटे हुए थे। इसी दौरान किसी ने शाही स्नान व नागा साधुओं के आने की बात कही। इसके बाद लोग बैरिकेडिंग कूदने लगे और भीड़ ने लेटे श्रद्धालुओं को रौंदना शुरू कर दिया। भीड़ की धक्का-मुक्की से वह परिवार सहित नदी में चले गए और लगभग एक घंटे तक पानी में खड़े रहे। बाद में स्थिति सामान्य होने पर नदी से बाहर निकले।
टेंट में काट रहे समय, प्रशासन ने बाहर निकलने से रोका
शिवपुर। महाकुंभ में गए कोदरैला गांव निवासी अमित पांडेय ने बताया कि मौनी अमावस्या पर शाही स्नान के लिए सोमवार को ही पहुंच गए थे। रात में भगदड़ की सूचना के बाद सुबह संगम पर स्नान किया है। लौटते समय बहुत भीड़ थी। किसी तरह टेंट में तो पहुंच गए, लेकिन प्रशासन ने भीड़ अधिक होने की वजह से बाहर निकलने से रोक दिया है। अमित के भाई राजू पांडे ने बताया कि पूरी रात हम लोग परेशान थे, सुबह बात होने पर जान में जान आई है।
भगदड़ के बाद दोगुने कर दिए उत्पादों के रेट
चर्दा। बक्शीपुरा नई बस्ती निवासी सुनील पांडेय ने बताया कि वह परिवार के साथ संगम स्नान के लिए पहुंचे थे। इसी तरह अफवाह फैलते ही लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। हमने किसी तरह सभी को भीड़ से अलग किया और पुलिस चौकी झूसी पहुंचे। उन्होंने बताया कि भगदड़ के बाद खाद्य पदार्थों के रेट बढ़ा दिए गए। आलम यह रहा कि पानी की बोतल तक 100 रुपये तक मिली।
नेटवर्क ने किया परेशान, वीडियो कॉल और फोटो देखने के बाद मिली संतुष्टि
जरवलरोड/रुपईडीहा/हुजूरपुर। क्षेत्र के दिकौली कला निवासी राधेश्याम, बहरामपुर निवासी राजेंद्र, रामफेर यादव, पृथ्वीराज यादव, सहजराम, रिठौरा निवासी राजकुमार, झुकिया निवासी गौरीशंकर आदि अमृत स्नान के लिए महाकुंभ गए हैं। मंगलवार रात भगदड़ की सूचना के बाद इनके परिजनों की बेचैनी बढ़ गई। परिजन रात भर फोन मिलाते रहे, लेकिन बात नहीं हो सकी। सुबह बात होने पर सभी ने राहत की सांस ली। पुष्टि के लिए परिजनों ने अपनों से फोन पर वीडियो कॉल की और फोटो मंगवाया।
रुपईडीहा के नेपाल-भारत खुली सीमा संवाद समूह के अध्यक्ष राजीव झा ने बताया कि घाटों के किनारे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। घटना के समय वह 3-4 किलोमीटर दूर थे। जानकारी होते ही सुरक्षित स्थान पर शरण ली। हुजूरपुर के राजापुरवा निवासी सालिकराम ने बताया कि 200 लोगों के समूह के साथ महाकुंभ गए हैं। स्थिति सामान्य होने पर सुबह पांच बजे स्नान किया है।
टेंट पहुंचते ही मिली भगदड़ की सूचना, डर में बीती रात
नानपारा। अधिवक्ता नंदलाल जायसवाल अपने परिजनों धर्मराज, शुभम, किरन, जानकी, माला देवी, संजय, सीमा, अशोक, नीरज, आदर्श, कोमल, सुधांशु, रवि व स्वामी के साथ महाकुंभ में हैं। उन्होंने बताया कि रात में 10 बजे 225 नंबर घाट पर कर टेंट पहुंचे। रात लगभग दो बजे 190 नंबर घाट पर भगदड़ की सूचना मिली तो सभी सहम गए।
नानपारा के अधिवक्ता सुरेश श्रीवास्तव की पत्नी सबीता देवी ने बताया कि उनकी माता सरला देवी, दीपक, बिन्नू, रेखा, रुचि तथा राहुल महाकुंभ गए थे। सुबह 10 बजे फोन पर बात होने के बाद राहत मिली है। इमामगंज चौराहा निवासी रवि कुमार ने बताया कि पिता राम फेरन से सुबह 10:30 बजे बात होने के बाद संतुष्टि मिली है। वहीं अभिषेक मिश्रा, शिवपुर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि सुधीर यज्ञसैनी ने भी सकुशल होने की बात कही है।