बहराइच। समय पर संक्रामक रोग की पहचान न हो पाने के कारण तमाम मरीजों की असमय मौत हो जाती है। लेकिन अब समय से रोगों की पहचान हो सकेगी क्योंकि जल्द ही जिले में जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी।
संचारी रोग विभाग के संयुक्त निदेशक ने सीएमएस को पत्र भेजकर जिला स्तरीय प्रयोगशाला में किए जाने वाले कार्यों की सूचना तलब की है। यदि योजना परवान चढ़ी तो मरीजों को निजी पैथोलॉजी की दौड़ लगाने से मुक्ति मिलेगी, साथ ही समय पर उनका सटीक इलाज शुरू हो सकेगा।
जिला अस्पताल स्थित पैथोलॉजी में डेंगू, दिमागी बुखार, मलेरिया, ब्लड, यूरिन, स्टूल समेत 24 जांच उपबल्ध हैं। जबकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले साल सरकारी अस्पतालों में सौ जांचें मुफ्त की हैं।
ऐसे हालात में मरीजों को शेष 76 जांचें कराने के लिए निजी पैथोलॉजी की ओर रुख करना पड़ता है। इन जांचों की फीस अधिक होती है।
वहीं, समय पर रोगी की पहचान न होने के कारण रोगी की मौत हो जाती है या गंभीर बताकर उसे लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। ऐसी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए इंटीग्रेटेड डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत स्वास्थ्य भवन से इस बाबत प्रस्ताव पत्र जारी किया गया है।
संचारी रोग विभाग के संयुक्त निदेशक ने जिला स्तरीय जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला की स्थापना के लिए जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ माहेश्वरी पांडेय को पत्र जारी किया है।
संयुक्त निदेशक ने सीएमएस से जिला स्तरीय प्रयोगशाला में किए जाने वाले कार्यों की सूचना मांगी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ माहेश्वरी पांडेय ने बताया कि प्रयोगशाला स्थापना के कार्य के लिए ब्लड बैंक व प्रयोगशाला प्रभारी डॉ हीरालाल को निर्देशित कर दिया गया है।
उन्होंने उम्मीद जताई है कि यदि प्रयोगशाला की स्थापना हुई तो जांच की संख्या बढ़ जाएगी और मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी।
ये जांचें होगी संभव-
डेंगू, डीएचएफ, डीएसएस, चिकनगुनिया, जेई, मेनिंगोकोकल मेनेंजाइटिस, टाइफाइड फीवर, डिप्थीरिया, कालरा, शिंगला डिसेंट्री, वायरल हेपेटाइटिस ई, लेप्टासपायरोसिस, मलेरिया पीवी, पीएफ की जांच जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में होगी।
भेजी गई सूचना : सीएमएस
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ माहेश्वरी पांडेय ने बताया कि जिला स्तरीय प्रयोगशाला में होने वाली जांच की सूचना निर्धारित प्रारूप पर शासन को भेज दी गई है।
साथ ही शासन को यहां की पैथोलॉजी में न होने वाली जांच के बाबत भी अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि आईडीएसपी की इस प्रयोगशाला की स्थापना से अस्पताल की सुविधाओं में इजाफा होगा, वहीं मरीज भी लाभान्वित होंगे।