बहराइच। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है... पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। जी हां, बहराइच के फ्रीगंज निवासी मोहम्मद मारुक ने ये बात सच कर दिखाई है।
एक कबाड़ी का बेटा होकर मारुक ने लोअर सब-ऑर्डिनेट 2013 में एडीओ कोऑपरेटिव का पद हासिल किया है। उनके घर समेत पूरा मोहल्ला ही उनकी इस उपलब्धि का जश्न मना रहा है। मारुक ने सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई को दिया है।
शहर के मोहल्ला फ्रीगंज निवासी मोहम्मद मारुक के पिता शौकत अली का नौ साल पहले जब निधन हुआ तो मारुक कक्षा 12 में थे।
सिर से पिता का साया उठने के बाद बड़े भाई फिरोज आलम के कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई। कबाड़ के पैतृक व्यवसाय से ही घर का खर्चा चलता है।
पढ़ाई के प्रति मारुक की लगन और कुछ बनने का जज्बा देखकर फिरोज ने उन्हें स्नातक के बाद इलाहाबाद भेज दिया। लोअर सब-ऑर्डिनेट में तीन बार साक्षात्कार तक पहुंचने के बाद भी मारुक का चयन नहीं हुआ।
चौथी बार परिणाम आने पर उसका नाम देख परिवार के लोग खुशी से झूम उठे। मारुक का चयन सहायक विकास अधिकारी कोऑपरेटिव के पद पर हुआ है। मारुक ने अपनी सफलता का श्रेय बड़े भाई फिरोज आलम व गुरुजनों को दिया है।
उधर, विकासखंड फखरपुर अंतर्गत भिलौरा बांसू गांव निवासी बृजेंद्र कुमार मिश्रा पुत्र वशिष्ठ मुनि मिश्रा ने भी लोअर सब-ऑर्डिनेट की परीक्षा में सफलता हासिल की है।
उनका चयन मार्केटिंग इंस्पेक्टर के पद पर हुआ है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को दिया है।
वहीं, श्रावस्ती जनपद के सिरसिया कोयलहवा निवासी आनंद कुमार शुक्ला पुत्र कामेश्वर शुक्ल का चयन भी लोअर सब-ऑर्डिनेट में आबकारी निरीक्षक के पद पर हुआ है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों के साथ अपने चाचा अमित शुक्ल अप्पू को दिया है।