रुपईडीहा बाजार में किया गया अतिक्रमण व लगा जाम।
रुपईडीहा। भारत-नेपाल सीमा स्थित रुपईडीहा कस्बे में अतिक्रमण व जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। कस्बे में सुबह से लेकर शाम तक जाम की स्थिति के कारण वाहन रेंगते रहते हैं। क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
नेपाल की सीमा से सटा रुपईडीहा कस्बा बीते कई महीनों से जाम की समस्या से जूझ रहा है। आलम यह है कि मुख्य बाजार व स्टेशन रोड जाने वाली सड़क पर बिना रुके गुजरना नामुमकिन है। ऐसा तब है जब प्रतिदिन हजारों की संख्या में विदेशी नागरिक खरीदारी के लिए रुपईडीहा आते हैं और स्थानीय व्यापारियों को लाखों का फायदा होता है। बावजूद इसके स्थानीय पुलिस व तहसील प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। स्थिति यह है कि थाने के सामने सबसे ज्यादा अतिक्रमण है। थाना गेट के सामने से ही ई रिक्शे सड़क पर कतारबद्ध खड़े होते हैं और अस्थायी स्टैंड चलता है। जिम्मेदार पुलिसकर्मी इस पर ध्यान नहीं देते। ऐसे में स्थानीय निवासी पुलिस पर ही मिलीभगत करने व अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं।
सात जनवरी को तत्कालीन एसडीएम नानपारा अश्विनी पांडेय व सीओ प्रद्युम्न सिंह ने अभियान चलाकर ठेलों को हटवाया था। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र जैन, हाजी अब्दुल रहीम, संरक्षक रतन अग्रवाल, विजय मित्तल आदि ने बताया कि जाम से कारोबार में नुकसान हो रहा है। जाम की वजह से ग्राहक बाजार के अंदर स्थित दुकानों में आने से कन्नी काट रहे हैं।
तहसील प्रशासन व स्थानीय पुलिस को अतिक्रमण के संबंध में अवगत करवाते हुए सख्त अभियान चलाने की मांग की जाएगी, ताकि लोगों को जाम से निजात मिले। -डॉ. उमाशंकर वैश्य, नगर पंचायत अध्यक्ष
रुपईडीहा बाजार में किया गया अतिक्रमण व लगा जाम।