सीसीटीवी फुटेज में दिखा हमलावर
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यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में बढ़ते नकल माफियाओं के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार ने स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। सरकार के निर्णय के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। जिन स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होंगे, उन स्कूलों को यूपी बोर्ड का परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। वहीं, उनकी मान्यता को रद करने के संबंध में भी सरकार कार्रवाई कर सकती है।
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में नकल माफिया पर शिकंजा कसने को लेकर सरकार गंभीर है। नकल माफिया पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराने का निर्णय लिया है। नए सत्र के समाप्त होने पर होने वाली इंटरमीडिएट व हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षाओं को सीसीटीवी कैमरों की देखरेख में कराने के संबंध में सभी जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर दिए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जनपद में नौ जीआईसी और 42 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
वहीं पूरे जिले में लगभग 266 विद्यालय चल रहे हैं। इन विद्यालयों सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश जारी किया जा चुका है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र पांडेय ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को पारदर्शितापूर्ण तरीके से कराए जाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने के निर्देश हैं। जिन स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगेंगे, उन स्कूलाें को बोर्ड का परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। सरकार की ओर से ऐसे कॉलेजों की मान्यता रद किए जाने के संबंध में भी विचार किया जा सकता है।
जनपद के लगभग 50 स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। स्कूल के हर कमरे में कैमरे लगाने के निर्देश हैं। साथ ही प्रधानाचार्य के कक्ष में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता परखने और शिक्षकों के काम पर नजर रखने के लिए मॉनीटर भी स्थापित किया जाएगा। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जेपी यादव ने बताया कि कॉलेज में 16 कैमरे लगवाए गए हैं। जिनसे शिक्षण कार्य पर नजर रखी जा रही है।