नानपारा/ पयागपुर (बहराइच)। बिना काम कराए ही मनरेगा में धनराशि निकाल ली गई। इतना ही नहीं पोर्टल पर श्रमिकों के काम की जगह गांव के बच्चों की फोटो अपलोड कर दी गई। कई गांव तो ऐसे भी है जहां बिना जियो टैग कराए ही पेमेंट कर दिया गया। इसकी शिकायत भी सीडीओ से हुई।
पयागपुर के अरकापुर निवासी फरियाद आलम ने कुछ दिन पूर्व सीडीओ को एक शिकायती पत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया था कि जगतराम के घर से गिलौला पीडब्ल्यूडी मार्ग का उच्चीकरण और मिट्टी पटाई कार्य होना था। किंतु अगल-बगल खेतों में गेहूं की फसल लगी होने के कारण कोई काम नहीं किया गया। इसके बाद भी प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी ने फर्जी मस्टररोल एवं फोटो अपलोड कर भुगतान मार्च में ही कर दिया।
कार्य की जगह जो फोटो लगाया गया है वह गांव के खेलते हुए बच्चों की है। इसी प्रकार खुटेहना ग्राम पंचायत में भी राजकुमार के खेत से नहर तक तथा बलराम के खेत से राजकुमार के खेत तक चकमार्ग पर मिट्टी पटाई का कार्य किया जाना था। यहां भी कार्य कराए बिना ही ऑनलाइन मस्टर रोल पर मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर दी गई है।
विकास खंड चितौरा के ग्राम पंचायत अलिया बुलबुल में इंटरलॉकिंग कार्य दिखाते हुए ऑनलाइन बच्चों के क्रिकेट खेलते हुए फोटो अपलोड कर दिया गया। इस कार्य का भुगतान भी कर दिया गया।
यही हाल नानपारा तहसील के आंबा पोखर है। यहां मस्टररोल में नाम तो महिलाओं का दर्ज है, लेकिन फोटो में एक भी महिला दिखाई नही दे रही। इसी तरह ग्राम पंचायत तुलसीपुर, केशवापुर, मटिहा, निबिया शाह मोहम्मदपुर और शाहपुर कला में देखने को मिला। यहां कई परियोजनाओं पर फोटो में कही क्रिकेट खेलते हुए बच्चे तो कहीं मस्ती करते हुए युवा दिख रहे है। यहां भी कई परियोजनाएं ऐसी है जहां बिना कार्य के ही मार्च में पैसा निकाल लिया गया।
गलत फोटो अपलोड करने वालों पर होगी कार्रवाई
कुछ जगह से और भी इस तरह की शिकायत आई है। जहां जांच कराई गई। वहां कार्य तो पाया गया लेकिन फोटो गलत अपलोड हुई थी। इसके अतिरिक्त जहां भी इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं। गलत फोटो अपलोड करने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-सतीश पांडे, डीसी मनरेगा