बहराइच। सरयू नदी का जलस्तर भले ही खतरे के निशान से नीचे उतरने लगा हो, लेकिन अब नदी का रौद्र रूप सामने आने लगा है। जलस्तर में तेजी से गिरावट के साथ महसी तहसील के मांझा क्षेत्र में कटान शुरू हो गई है। मंगलवार दोपहर से शाम तक मांझा गांव के निकट करीब छह बीघा उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा गई। खेतों के आसपास भरा पानी भी अब वापस नदी की ओर लौटने लगा है, जिससे किनारों पर दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से ज्यादा खतरा अब कटान से है।
सोमवार तक सरयू में करीब 2.51 लाख क्यूसेक पानी बह रहा था, जबकि मंगलवार को यह घटकर 1.58 लाख क्यूसेक रह गया। इसके चलते एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 12 सेमी नीचे पहुंच गई है। जलस्तर कम होने के साथ ही नदी किनारे की मिट्टी तेजी से कटने लगी। सबसे अधिक असर मांझा, लोनियनपुरवा, तुरंतीपुरवा और गोलागंज कोठार के आसपास देखा जा रहा है, जहां किसान अपनी फसल और जमीन बचाने को लेकर चिंतित हैं।
मांझा गांव के किसान रामलाल ने बताया, सुबह तक खेत सुरक्षित थे, लेकिन दोपहर बाद देखते ही देखते नदी किनारा टूटने लगा। करीब डेढ़ बीघा जमीन नदी में चली गई। लोनियनपुरवा निवासी राजकुमार ने कहा, हर साल यही स्थिति होती है। पानी उतरते ही कटान शुरू हो जाती है, लेकिन बचाव के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं होती। तुरंतीपुरवा के किसान शिवप्रसाद ने बताया, हम लोग बाढ़ से कम और कटान से ज्यादा परेशान हैं। अगर यही स्थिति रही तो अगली फसल बोने लायक जमीन भी नहीं बचेगी। गोलागंज कोठार निवासी ननकऊ ने कहा, प्रशासन को पहले से कटानरोधी कार्य कराना चाहिए था। अब खेत नदी में समा रहे हैं और किसान बेबस होकर देख रहे हैं।
उपजिलाधिकारी प्रकाश सिंह ने बताया कि सरयू का जलस्तर मंगलवार दोपहर से लगातार घट रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ का खतरा फिलहाल टल चुका है, फिर भी सभी संबंधित विभाग सतर्क हैं और किसी भी आपदा से निपटने के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
-इनसेट
मंगलवार को जलस्तर की स्थिति
स्थल
जलस्तर
खतरे का निशान
डिस्चार्ज
शारदा बैराज 134.65 मी. 135.49 मी. 39,395 क्यूसेक
गिरिजा बैराज 135.05 मी. 136.78 मी. 1,17,776 क्यूसेक
सरयू बैराज 129.35 मी. 133.50 मी. 1,609 क्यूसेक
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तीनों बैराजों से सरयू नदी में छोड़ा गया कुल पानी : 1,58,780 क्यूसेक।
एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 105.93 मीटर, खतरे का निशान 106.07 मीटर।
घूर देवी स्थान पर जलस्तर 111.53 मीटर, खतरे का निशान 112.15 मीटर।