महसी (बहराइच)। महसी क्षेत्र में घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर पुन: बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाके में बसे 20 गांवों में पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। नदी का जलस्तर चहलारी घाट पुल को छूने के लिए बेताब है। घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।
महसी में स्थित घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। नदी का जलस्तर सोमवार शाम से ही बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र के निचले गांवों में पानी भरने लगा है। नदी का पानी तहसील के अटोडर, सिलौटा, बौंडी, अहिरनपुरवा, चमारनपुरवा, कोरियनपुरवा, रामदहिनपुरवा, तारापुरवा, छत्तरपुरवा, पंडितपुरवा, जरमापुर, कायमपुर, पिपरी, पिपरा, नगेश्वरपुरवा समेत 20 गांवों में भर गया है। गांवों में पानी भरने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मची हुई है।
ग्रामीण सुरक्षित स्थान की तलाश में तटबंध और प्राथमिक विद्यालयों में शरण ले रहे हैं। सीतापुर-बहराइच मार्ग पर स्थित चहलारीघाट पुल को छूने के लिए घाघरा नदी का पानी बेताब है। नदी में जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। उप जिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि निचले क्षेत्र के गांवों में पानी भरा है।
लगातार राजस्वकर्मी नजर बनाए हुए हैं। राजस्वकर्मी सतर्क हैं। एनडीआरएफ की टीम भी बाढ़ में फंसे लोगों पर नजर बनाए हुए है। सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर पहुंचाया जाएगा। तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि घाघरा नदी में गोपिया, बनबसा और गिरिजापुरी बैराज से 3.85 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। यह पानी जल्द ही घाघरा नदी में पहुंच जाएगा।
नदी का जलस्तर-
घाघरा नदी का वर्तमान जलस्तर- 112.410 मीटर
खतरे का निशान- 112.50 मीटर