बहराइच/महसी। सरयू नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 31 सेमी ऊपर बह रही है, जिससे महसी और कैसरगंज तहसील के 18 गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 3.56 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद हालात और भी बिगड़ गए हैं।
बाढ़ के कारण इन इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार रात स्थिर रहा, लेकिन बुधवार सुबह फिर बढ़ने लगा।
इसके चलते महसी और कैसरगंज तहसील के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो रही है। महसी के औराही, महंत पुरवा, भौरी, सिपहिया, जोधे पुरवा, माझा दरियाबुर्द, तारापुर खुर्द, गलकारा, छतरपुरवा, मल्हानपुरवा, नई बस्ती गोलागंज, भिखारी पुरवा, टिकुरी और प्रहलाद पुरवा आदि गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
चारागाह और बांध से सटे इलाकों में भी पानी भर गया है, जिससे ग्रामीण और मवेशी दोनों ही सुरक्षित जगहों की तलाश में भटक रहे हैं। हालांकि, प्रशासन के प्रयासों के बावजूद बाढ़ प्रभावित गांवों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है।
घरों में पानी घुसने और आवागमन के साधन ठप होने से लोग परेशान हैं। जरूरी सामान और भोजन की कमी भी बाढ़ पीड़ितों को परेशान कर रही है। अगर बारिश जारी रही और बैराज से पानी छोड़ा जाता रहा, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। हालात पर नजर रखने के लिए प्रशासन अलर्ट हो गया है।
तहसीलदार विकास कुमार ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीमें मौके पर मौजूद हैं और बाढ़ के पानी पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।