मोतीपुर के अमृतपुर पुरैना में किया गया बालू खनन।
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बहराइच। मोतीपुर तहसील के कोतवाली मुर्तिहा, सुजौली और मोतीपुर थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से बालू का खनन किया जा रहा है। कारोबारी रात में नौ से सुबह छह बजे तक बेधड़क खनन कर रहे हैं। इससे आसपास के ग्रामीणों के खेत भी चपेट में आ रहे हैं। लेकिन शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। बालू माफिया बेधड़क खनन करवा रहे हैं। ग्रामीणों ने डंप के नाम पर भी अवैध बालू खनन करवाने का आरोप लगाया है।
मोतीपुर तहसील क्षेत्र के सेमरहना में बालू का लाइसेंस हैं। लेकिन खनन माफिया बालू खनन के नाम पर रात में अवैध बालू खनन करते हैं। रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक अवैध खनन का खेल जारी रहता है। लेकिन अधिकारी सुन नहीं रहे हैं। कोतवाली मुर्तिहा के अमृतपुर पुरैना, मधवापुर, नौबना, बोझिया में जमकर अवैध खनन हो रहा है।
इसी तरह सुजौली थाना क्षेत्र के आंबा घाट समेत अन्य गांवों में अवैध खनन किया जा रहा है। दो माह पूर्व वन विभाग ने दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को बालू खनन में पकड़ा था। लेकिन पुलिस ने दबाव बनवाकर बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को कार्रवाई करने से मना कर दिया था।
कोतवाली मुर्तिहा के अमृतपुर पुरैना निवासी लालबहादुर पुत्र हीरालाल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बेखौफ बालू खनन हो रहा है। इससे पास के ग्रामीणों के खेत भी चपेेट में आ रहे हैं। लेकिन पुलिस व तहसील के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। उलाहना देने पर सभी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। हीरालाल के मुताबिक गांव के कोटेदार तक बालू खनन करवा रहे हैं। लेकिन पुलिस अंजान बनी हुई है।
किसानों ने कई बार शिकायती पत्र भेजा, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस मामले में उपजिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बालू खनन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद कोई बालू खनन करता है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।