कैसरगंज (बहराइच)। जिलाधिकारी ने सीएमओ के साथ गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रसव की संख्या कम होने, अभिलेख दुरुस्त न होने और अव्यवस्था मिलने पर अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने बीपीएम और बीसीपीएम का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएचसी पर ही गर्भवती का अल्ट्रासाउंड निशुल्क करने की बात कही।
जिलाधिकारी शंभु कुमार गुरुवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज पहुंचे। डीएम ने सीएचसी में स्थित महिला विंग का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रसव की संख्या कम होने, अव्यवस्था मिलने व अभिलेखों के दुरुस्त न होने पर अधीक्षक डॉ. एनके सिंह को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मी आशा परवीन से जानकारी ली तो पता चला कि प्रतिदिन लगभग 70 से 80 महिलाओं का पंजीकरण होता है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। डीएम ने प्रसव कक्ष, ब्लड बैंक, ट्रायल रूम व लेबर रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रसव की संख्या काफी कम मिली। इसका जवाब अधीक्षक व बीसीपीएम रामप्रताप सिंह नहीं दे सके। इस पर डीएम ने बीपीएम व बीसीपीएम का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सीएचसी में ही गर्भवती का अल्ट्रासाउंड निशुल्क किया जाए। शिशु ओपीडी में दो वार्मर लगवाने के लिए निर्देशित किया।
इस दौरान उपजिलाधिकारी महेश कुमार कैथल, जिला स्वास्थ्य सूचना अधिकारी बृजेश कुमार सिंह, बीपीएम सरजू खान, बीसीपीएम मोहम्मद राशिद, सीडीपीओ सुरेंद्र कुमार, डॉ. बीके सिंह, डॉ. शिशिर समेत अन्य मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रदीप यादव ने सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व पोस्टमार्टम हाउस की व्यवस्था कराने की मांग की। इस पर डीएम ने कार्रवाई की बात कही।