बहराइच। मोतीपुर क्षेत्र में 29 मई की रात हुई तथाकथित डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पीड़िता सायदा ने ही देवरानी के आभूषण हड़पने के लिए देवर, बेटे व बेटे के दोस्त के साथ मिलकर पूरी पटकथा लिखी थी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं फरार चल रहे सायदा के बेटे की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
एएसपी डीपी तिवारी ने बताया कि मोतीपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत लौकाही निवासी नासिर के घर में लूटपाट की शिकायत की गई थी। इस घटना की जांच के लिए मोतीपुर थाना प्रभारी आनंद चौरसिया व बलईगांव चौकी प्रभारी शिवेश शुक्ला की टीम जुटी थी। इस दौरान घटना में शामिल एक संदिग्ध के लौकाही भट्टे के पास मौजूद होने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके से मोहम्मद अखलाक खान उर्फ बिल्ला को गिरफ्त में लिया। पूछताछ में उसने पीड़िता बनी सायदा के बेटे फैयाज का दोस्त होने व उसके कहने पर घटना में शामिल होेने की बात कबूल की।
एएसपी डीपी तिवारी के मुताबिक इस खुलासे के बाद सायदा से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसकी देवरानी शायना के आभूषण उसके पास रखे थे। जिसे देख उसे लालच आ गया था और बेटे फैयाज, देवर मैनुद्दीन व बेटे के दोस्त अखलाक के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया।
एएसपी ने बताया कि चारों ने घटना को 28 मई को ही अंजाम दिया था और कुछ आभूषण मोहम्मद आजम की सराफा दुकान पर बेच दिए थे। बाकी आभूषण आपस में बांट लिए थे। वहीं पति को गुमराह करने के लिए उसने साजिशन पूरी घटना को खड़ा कर दिया। जिसके बाद उसके पति ने घटना की जानकारी न होने पर झूठा मुकदमा लिखवा दिया।
घटना में शामिल मोहम्मद अखलाक खान उर्फ बिल्ला, सायदा, मैनुद्दीन व मोहम्मद आजम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। फरार चल रहे सायदा के बेटे फैयाज की तलाश की जा रही है।
गिरफ्तारी टीम को 25 हजार का इनाम
एसपी रामनयन सिंह ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। वारदात का खुलासा करने वाली टीम में थाना प्रभारी आनन्द कुमार चौरसिया, बलईगांव चौकी प्रभारी शिवेश शुक्ला, उपनिरीक्षक रोहित कुमार वर्मा, सिपाही सूरज कुमार, आशीष चौरसिया, महिला सिपाही दिव्या सिंह शामिल रहीं।