नीबाभारी के पास कटान करती राप्ती नदी।
तुलसीपुर। जलस्तर घटने के साथ राप्ती नदी ने कटान तेज कर दिया है। गिलौला विकासखंड के नीबाभारी गांव के पास नदी तेजी से परसा-तिलकपुर तटबंध की ओर बढ़ रही है। नदी की लहरों से तटबंध की सुरक्षा के लिए डाले गए पत्थर और स्पर भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इससे तटबंध की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में दहशत है। तटबंध क्षतिग्रस्त होने पर बाढ़ का पानी जिला मुख्यालय भिनगा और हरिहरपुर रानी विकासखंड के कई गांवों तक पहुंच सकता है।
जिला मुख्यालय भिनगा और हरिहरपुर रानी क्षेत्र के गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए शासन की ओर से परसा-तिलकपुर तटबंध का निर्माण कराया गया है। तटबंध बनने के बाद से क्षेत्र को राप्ती के बाढ़ के पानी से सुरक्षा मिली है। तराई क्षेत्र में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद राप्ती का जलस्तर बढ़ गया था। अब जलस्तर घटने के साथ नदी की धारा नीबाभारी के पास कटान करते हुए तटबंध की ओर बढ़ रही है।
अफसरों ने किया निरीक्षण
नीबाभारी गांव के पास कटान से बचाव के लिए तटबंध पर आठ स्पर बनाए गए हैं। इनमें से दो स्परों के नोज के पास नदी तेजी से कटान कर रही है। लगातार कटान से नदी का बहाव तटबंध की ओर बढ़ रहा है। इससे तटबंध की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है। कटान की सूचना पर बाढ़ खंड की सहायक अभियंता निशी गंगवार, अवर अभियंता संगमलाल यादव, अनुपम यादव और खुर्शीद आलम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कटान का निरीक्षण कर बचाव कार्य शुरू कराया। सहायक अभियंता, बाढ़ खंड निशी गंगवार ने बताया कि राप्ती नदी की कटान रोकने के लिए जरूरी उपाय शुरू कर दिए गए हैं। स्परों की सुरक्षा के लिए रेत और ईंट की बोरियां डलवाई जा रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर अन्य जरूरी कार्य भी कराए जाएंगे।