बारिश से मंगलवार को तराई फिर खूब भीगी। तीन घंटे तक हुई झमाझम का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया।
कोई जमकर भीगा तो किसी ने सिर्फ फुहारों से ही आनंद उठाया। बरसात से तापमान में भी गिरावट आ गई है, जिससे मौसम खुशगवार हो गया है।
हालांकि, शहर के मुख्य मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई। पैदल चलना दुश्वार हो गया।
मंगलवार की सुबह धूप के बीच हुई। मौसम देखकर ऐसा लग रहा था कि पूरे दिन गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा लेकिन दोपहर 12 बजे से आसमान में बादल आ गए।
देखते ही देखते बौछारें पड़ने लगीं और बारिश तेज हो गई। मौसम खुशनुमा देखकर लोग घरों से निकल आए। किसी ने घर की छत पर तो किसी ने सड़क पर भीगकर मौसम का मजा लिया।
फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि जिले में 18 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
उन्होंने कहा कि 24 घंटे में पुन: भारी वर्षा की उम्मीद है। वर्षा के चलते अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।
मेंथा की फसल को हो रहा नुकसान ः तराई में हुई वर्षा के चलते मेंथा की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है।
डॉ. सिंह ने कहा कि मेंथा की जो फसल खेतों में लगी हुई है, किसान उसकी कटाई न करें, धूप निकलने का इंतजार करें।