बहराइच। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी व राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के तत्वावधान मेेें पदाधिकारियों ने शनिवार को किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर किसान हित मेेेें केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए कृषि कानून को वापस लेने की मांग की।
भाकपा के पदाधिकारियों ने शनिवार को किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजते हुए कहा कि कृषि कानून को वापस लिया जाए। मृतक किसान परिवार को 25-25 लाख सहायता प्रदान की जाए। जेल मेें बंद किसानों को रिहा किया जाए। किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए।
ज्ञापन भेजने के बाद धरने को संबोधित करते हुए पार्टी के जिला मंत्री सिद्धनाथ श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन कर रही है। देश के अन्नदाता अपने हक और अधिकारी को लेकर दिल्ली की सड़कों पर बैठे हुए हैं। लेकिन अहंकार के मद मेें चूर देश के प्रधानमंत्री कुछ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की नियत से अन्नदाताओं की सुनने के बजाए उनको उत्पीड़ित व परेशान कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मोहम्मद आजाद खान, सतीश कुमार सोनकर, राम सहारे, राम सुमिरन, ज्ञान प्रकाश, राजेश कुमार, इतवारीलाल आदि मौजूद रहे।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई मेेें कार्यकर्ताओं ने कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सभी ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को पांच सूत्री ज्ञापन भेजकर किसानों के उत्पीड़न को बंद करने, किसान विरोधी कानून को वापस लेने आदि की मांग की। इस मौके पर रामगोपाल यादव, जितेंद्र सिंह, राजकुमार जायसवाल, दीपक कुमार शुक्ला, मौजीलाल मिश्रा आदि मौजूद रहे।
राष्ट्रीय क्रांति पार्टी की ओर से भी पार्टी के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश लोधी की अगुवाई मेें पदाधिकारियों ने किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुए प्रदर्शन किया। इस मौके पर पदाधिकारियों ने केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए किसानों के लिए पेश किए गए कृषि कानून को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर इकबाल नारायण चौधरी, दीनबंधु लोधी, कृपाशंकर तिवारी, विमल वर्मा आदि मौजूद रहे।