बहराइच। संविदा लाइनमैन की करंट लगने से हुई मौत के मामले में दर्ज प्राथमिकी में हेरफेर का आरोप लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट चौराहे पर डीएम आवास के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दरगाह थानाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नई प्राथमिकी दर्ज कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि को हिरासत में ले लिया और भीड़ को वहां से हटाया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण अपने गांव लौटकर मिर्जापुर चौराहे पर भी प्रदर्शन करने लगे।
रामगांव क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी दीप नारायण मौर्य बिजली विभाग में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। बृहस्पतिवार देर रात ट्रांसफार्मर का फ्यूज बांधते समय शटडाउन के बावजूद अचानक आपूर्ति चालू हो गई, जिससे वह तेज करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौत हो गई।
उनके पुत्र हरीश का आरोप है कि पुलिस ने उनके द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की, बल्कि मुकेश कुमार नामक व्यक्ति की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली, जिसे पीड़ित परिवार जानता तक नहीं है।
परिजनों का कहना है कि घटना के समय गुल्लावीर पावर हाउस पर एसएसओ ताहिर अली ड्यूटी पर थे। पीड़ित परिवार ने एसएसओ ताहिर अली, जेई और एसडीओ मुकेश कुमार के खिलाफ दरगाह थाने में प्रार्थनापत्र दिया था, लेकिन पुलिस ने उस आधार पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
परिजनों ने मांग की है कि उनकी तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाए, दरगाह थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए, मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, गुजारे के लिए आवास और जमीन तथा 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
सीओ महसी पवन कुमार त्यागी ने बताया कि परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी मांगों पर उच्चाधिकारियों द्वारा विचार किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।