बहराइच। कृषि कानून के खिलाफ किसानों की ओर से घोषित किए गए भारत बंद का असर बहराइच में भी दिखा। मंगलवार को सुबह प्रदर्शन को लेकर कुछ दुकानें बंद रहीं, मगर बाजार में हालात सामान्य दिखे। मटेरा विधायक की अगुवाई में घर से निकले कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प व धक्कामुक्की हुई। विधायक समेत कांग्रेस, भाकियू, सपा आदि के नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया गया था। कांग्रेस भवन व सपा कार्यालय को पुलिस ने सील कर दिया था। इसके बावजूद संगठनों की ओर से जगह-जगह प्रदर्शन किया गया।
केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए कृषि कानून के खिलाफ किसान संगठनों ने मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया था। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समर्थन देने की घोषणा के बाद सुबह से ही पूर्व मंत्री व मटेरा विधायक यासर शाह के काजीपुरा मोहल्ला स्थित आवास पर कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया। मटेरा विधायक को पुलिस ने नजरबंद कर दिया था। सपा जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव के नेतृत्व में उनके आवास से निकलने का प्रयास कर रहे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प और धक्कामुक्की हुई। यहां कई नेताओं को पुलिस ने सांकेतिक रूप से गिरफ्तार किया, जिनको निजी मुचलके रिहा कर दिया गया। कांग्रेस भवन को पुलिस ने सील कर दिया था, जिसे देखते हुए जिलाध्यक्ष जेपी मिश्रा के आवास पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यहां पर भी पुलिस फोर्स मुस्तैद दिखी।
भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा की अगुवाई में जरवल और जरवलरोड में प्रदर्शन किया गया। यहां एसडीएम महेश कैथल को ज्ञापन दिया गया। वहीं शहर में आम आदमी पार्टी, शिवसेना आदि संगठनों ने भी प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री राजेश शुक्ला व जिलाध्यक्ष विनोद सिंह की अगुवाई में भी प्रदर्शन किया गया।
यह किए गए नजरबंद
भारत बंद को देखते हुए प्रशासन की ओर से सभी बड़े नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया गया था। सपा जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव ने बताया कि सपा नेता देवेश चंद्र मिश्र, पूर्व ब्लॉक प्रमुख जयंकर सिंह, साइस्ता परवीन, राजेश चौधरी, बलहा के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि हाजी रसीद खां, पूर्व चेयरमैन अब्दुल वहीद, मुन्ना मारिया, पूर्व चेयरमैन नसीबुननिशा आदि को घरों में नजरबंद कर दिया गया था। इसके बाद भी प्रदर्शन जोरदार रहा है।
आप ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष संतोष कुमारी रस्तोगी की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कृषि कानून को लाकर किसानों की कमर तोड़ने पर सरकार आमादा है। इस मौके पर सईद खान, महफूज अहमद, बाबूलाल, रामदीन, सियाराम चौधरी आदि मौजूद रहे।
जरवल में भाकियू ने किया प्रदर्शन
कृषि कानून को वापस लेने की मांग करते हुए भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा की अगुवाई में किसानों ने जरवलरोड और जरवल में प्रदर्शन किया। वहीं भारतीय जनशक्ति संगठन के जिलाध्यक्ष धर्मचंद्र महेश की अगुवाई में भी प्रदर्शन किया गया। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार सेकाले कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। इस मौके पर मोहनलाल वर्मा, रंजना चौहान, प्रमोद कसौंधन, माधवराज, नंदलाल वर्मा आदि मौजूद रहे। उधर भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के तहसील सदर अध्यक्ष रामगोपाल प्रजापति की अगुवाई में कृषि कानून के विरोध में किसानों ने चिलवरिया में प्रदर्शन किया। उन्होंने कानून को वापस लेने की मांग की।
पूर्व विधायक की अगुवाई में हाईवे किया जाम
तहसील मिहींपुरवा के किसानों की ओर से नानपारा-लखीमपुर नेशनल हाईवे पर स्थित कुड़वा मोड़ पर पूर्व विधायक शब्बीर अहमद वाल्मीकि व पूर्व मंत्री बंशीधर बौद्ध की अगुवाई में जाम लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ सपा पूरी ताकत के साथ खड़ी है। वाहनों की लंबी कतार लगी रही। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने बुझाने के बाद सभी ने धरना समाप्त किया।
सरकार के खिलाफ कांग्रेसियों ने की नारेबाजी
जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश मिश्र को नजरबंद किए जाने के बाद कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंच गए। यहां पुलिस से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की धक्कामुक्की भी हुई। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार पूंजीपतियों के साथ मिलकर देश की कृषि व्यवस्था को तोड़ने का काम कर रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बहराइच में मंगलवार को किसान आंदोलन के समर्थन में जुलूस निकालकर प्रदर्शन करते सपा पदाधिकारी व का?- फोटो : BAHRAICH