रुपईडीहा। कस्बे में रविवार को आयोजित मानवाधिकार जागरूकता कार्यशाला में न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि न्याय का मूल सिद्धांत है कि कोई निर्दोष न फंसे और कोई दोषी बचने न पाए। मानवाधिकारों की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संविधान में मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। समाज में होने वाली अमानवीयता का विरोध करने के साथ जरूरतमंदों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना सभी का दायित्व है।
किशोर न्याय बोर्ड के मजिस्ट्रेट संजय अवस्थी ने किशोरों के अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपराध में पकड़े गए बच्चे की पहचान सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। उसका नाम और तस्वीर प्रकाशित करने से भी बचना चाहिए। कार्यशाला में राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुणेश, राष्ट्रीय महामंत्री नदीम मन्ना, पूर्व ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश चंद, पूर्व विधायक राम सागर राव समेत अन्य वक्ताओं ने विचार रखे। नेपाल से आए अतिथियों को सम्मानित किया गया। संचालन सरदार सर्वजीत सिंह ने और आयोजन मोहम्मद इसरार अहमद ने किया।