हुजूरपुर में विद्युत लाइन सही करता कर्मचारी।
बहराइच/हुजूरपुर/बौंडी। भीषण तूफान और आंधी-पानी के दस दिन बाद भी जिले में बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। हुजूरपुर और जरवल विकासखंड की सैकड़ों ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति बाधित है। करीब चार लाख की आबादी प्रभावित है। जिले में तूफान से 3500 से अधिक पोल और 225 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे, जबकि 33 केवी लाइनें भी जगह-जगह टूट गई थीं। चिरैयाटांड़ पावर हाउस की आपूर्ति भी बहाल नहीं हो सकी है, जिससे करीब सवा लाख लोग प्रभावित हैं। बिजली न होने से पानी, मोबाइल चार्जिंग और रोजमर्रा के काम प्रभावित हैं। ई-रिक्शा व ई-बाइक चार्ज नहीं होने से चालक और जनसेवा केंद्र संचालक आर्थिक संकट झेल रहे हैं।
टिकोरा फीडर ठप, 50 हजार लोग प्रभावित
बौंडी क्षेत्र में फखरपुर पावर हाउस से संचालित टिकोरा फीडर बंद होने से छह हजार से अधिक कनेक्शन और दो दर्जन गांवों की करीब 50 हजार आबादी प्रभावित है। आटा चक्की, तेल पेराई, वेल्डिंग और आरा मशीनें बंद हैं। महसी में भी करीब ढाई लाख लोग प्रभावित हैं। एसडीओ फखरपुर जय गोबिंद गौंड़ ने जलभराव और पेड़ों के कारण पोल बदलने में दिक्कत बताई। चित्तौरा सीएचसी में 13 दिन से बिजली गुल है। फार्मेसिस्ट सत्यप्रकाश गुप्ता ने बताया कि जनरेटर से वैक्सीन सुरक्षित रखी जा रही है, लेकिन अन्य सेवाएं प्रभावित हैं। उधर, धरसवा में 200 मीटर सरकारी बिजली केबल चोरी होने की शिकायत जय प्रकाश सिंह ने एसडीओ से की है। विभाग ने जांच का आश्वासन दिया है।