हादसे के बाद मौके पर पहुंचे रामगांव थाने के एक दरोगा ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और फिर देखते ही देखते कार्रवाई भी शुरू कर दी। करीब 30 किलोमीटर की दूरी पुलिस ने सड़क पर खून के निशान देखकर ही पूरी की। हादसा तहसीलदार के वाहन से हुआ था तो अधिकारी भी सक्रिय हुए। मामले में एसडीएम नानपारा अश्वनी पांडेय ने बताया कि पुलिस हादसे के समय आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाल रही है। कैमरों की फुटेज से भी हादसे की हकीकत सामने आ सकेगी।
नानपारा तहसीलदार के सरकारी वाहन से बृहस्पतिवार की रात बहराइच-नानपारा हाईवे पर रामगांव थाना क्षेत्र के चौपाल सागर के पास बाइक सवार नरेंद्र को टक्कर मारते हुए शव को 30 किलोमीटर तक घसीटा। इस वीभत्स घटना को जिसने भी सुना उसका कलेजा कांप उठा। पिता राधेश्याम हालदार की तहरीर पर रामगांव पुलिस ने आरोपी चालक नानपारा कस्बा के मिरयासी टोला निवासी मेराज पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। पिता के अनुसार बृहस्पतिवार को उनके बड़े बेटे नरेंद्र बाइक से भांजी को लखीमपुर खीरी जनपद के गोला से वापस छोड़कर आ रहे थे। चौपाल सागर के पास उनकी बाइक को तेज रफ्तार वाहन (नंबर यूपी 40- जी- 0374) ने टक्कर मार दी।
बच सकती थी जान
परिजनों के मुताबिक अगर वाहन चालक टक्कर के बाद समय रहते कार को रोक लेता तो नरेंद्र को समय रहते इलाज मिल जाता और उनकी जान बच सकती थी। लापरवाही के चलते नरेंद्र उन लोगों के बीच नहीं रहे।
फास्टफूड की दुकान चलाते थे नरेंद्र
नरेंद्र के पड़ोसी रंजन ने बताया वे पयागपुर-इकौना मार्ग पटिहार के पास फास्टफूड की दुकान का संचालन कर परिवार का गुजारा करते थे। दो भाइयों में बड़े थे और एक बहन है।
पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी चालक पर गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
आलोक कुमार सिंह , थानाध्यक्ष रामगांव
घटना के समय तहसीलदार नानपारा के सरकारी वाहन में नायब तहसीलदार बैठे हुए थे। वह क्षेत्र भ्रमण के लिए जा रहे थे। उनको शव के वाहन में फंसे होने का पता नहीं चल पाया। लापरवाही के चलते नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया है। इस मामले में केस भी दर्ज कराया गया है।
मोनिका रानी, डीएम