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अनुराग के परिवारीजनों से अभी तक पुलिस ने नहीं किया संपर्क

Sun, 21 May 2017 11:51 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
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आईएएस अफसर अनुराग की संदिग्ध हालात में हुई मौत के पांच दिन बाद भी उनके परिवार से अभी तक लखनऊ पुलिस ने संपर्क नहीं किया है। एसआईटी गठित होने के बाद भी परिवारीजनों के बयान न लिए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, अनुराग के बड़े भाई मयंक तिवारी ने मामले में परिवार की ओर से रविवार को गृहमंत्री को भी ऑनलाइन ई-मेल भेजा है, जिसमें मामले की सीबीआई से जांच कराकर हत्या के खुलासे की मांग की गई है। 
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शहर के कानूनगोपुरा दक्षिणी निवासी कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी का शव संदिग्ध हालात में बुधवार को लखनऊ के हजरतगंज स्थित गेस्ट हाउस के बाहर मिला था। मौत के बाद से ही परिवारीजनों ने हत्या करने की आशंका जताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके बाद लखनऊ में पुलिस ने एसआईटी का गठन कर दिया था।

कर्नाटक से मौत के तार जुड़े होने की संभावना जताई गई थी। बड़े भाई मयंक ने बताया कि लखनऊ की किसी पुलिस टीम ने अभी तक परिवारीजनों से संपर्क नहीं किया है। घटना की सीबीआई जांच कराने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह को ई-मेल भेजा गया है। 
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अनुराग के घर शनिवार देर शाम सांसद दद्दन मिश्रा ने पहुंचकर परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि अनुराग की मौत से पूरा जिला शोकाकुल है। आईएएस अफसर की हत्या गंभीर मामला है। सीबीआई जांच आवश्यक है। चुप नहीं बैठेंगे। मानसून सत्र में संसद में आवाज उठाएंगे। 

अनुराग की मौत से परिवार दहशत में है। मयंक का कहना है कि सीबीआई जांच की मांग करने से उनके परिवार की सुरक्षा खतरे में है। कहा कि कर्नाटक में अनुराग के साथ उनकी देखभाल डाव नागरे होनाली निवासी दानेश अप्पा करता था। दानेश ने अनुराग के मामले में कई गंभीर बातें बताई हैं। जिससे लग रहा है कि साजिश के तहत हत्या की गई है। ऐसे में दानेश के साथ पूरे परिवार को खतरा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर वह भाई की मौत के बाद दानेश को घर ले आए हैं।
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