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ब्लॉक प्रमुख समेत 25 पर धोखाधड़ी का केस

Sun, 21 May 2017 11:49 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
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 विशेश्वरगंज के ब्लॉक प्रमुख व 12 क्षेत्र पंचायत सदस्यों समेत 25 लोगों के खिलाफ पुलिस ने रविवार को धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इन सभी पर पंचायत चुनाव के दौरान फर्जी अभिलेख तैयार कर मतदान प्रभावित करने का आरोप है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 
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जिले में पंचायत चुनाव फरवरी 2016 में हुए थे। सात फरवरी को विशेश्वरगंज में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव होना था। मैदान में पूर्व सांसद स्व. रानावीर सिंह के पुत्र राना अगम सिंह व भाजपा समर्थित उम्मीदवार बीनाराज मिश्रा पत्नी विजय मिश्रा आमने-सामने थे। बीनाराज मिश्रा का कहना है कि 104 क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मतदान करना था। लेकिन ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी राना अगम सिंह सपा समर्थित थे।

उन्होंने तत्कालीन सपा शासन का लाभ उठाकर कई मतदाताओं को जबरन उनके घरों से उठवा लिया। ग्राम बसनेरा स्थित अपने कोठार पर उन्हें नरजबंद रखा। इसके बाद मतदाता व उनके सहायकों के साथ साजिश करके फर्जी अभिलेख तैयार करवाए, जो न तो रिश्तेदार थे और न ही परिवार के। उन्हें मतदाताओं का रिश्तेदार बताकर रातों रात फर्जी परिचय पत्र बनाए गए और मनमाफिक मतदान करा दिया।
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बीनाराज का कहना है कि इस मामले में मतदान की सीडी हासिल की, जिससे फर्जी सहायकों व चुनाव में धांधली की पुष्टि हो रही है। तत्कालीन चुनाव अधिकारी और राज्य निर्वाचन आयोग को भी शिकायत की। लेकिन सपा की सरकार होने से सुनवाई नहीं हुई।

इस पर बीनाराज मिश्रा ने सरकार बदलने पर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस पर एसपी सुनील सक्सेना ने विशेश्वरगंज थानाध्यक्ष को कार्रवाई के निर्देश दिए। थानाध्यक्ष वकील पांडेय ने बताया कि एसपी का आदेश मिलने के बाद रविवार को विशेश्वरगंज पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख राना अगम सिंह समेत 25 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

ब्लॉक प्रमुख राना अगम सिंह पुत्र रानावीर सिंह, माधव पुत्र स्वामी, इंद्रजीत पुत्र ननके, पितर पुत्र अवतार, फूल पुत्र नजर मोहम्मद, घल्लन पुत्र फजर अली, पुत्तन पुत्र रतीपाल, राजीव कुमार पुत्र राघवराम, मुरारी पुत्र बुधई, चिंता पुत्र फेरन, काके पुत्र बिकाऊ, मनोज कुमार पुत्र परमेश्वरी, रमजान पुत्र वसीम, सईद पुत्र कुर्बान खां, सुषमा पत्नी संचित, मातवर पुत्र रामतीरथ, मुन्नी देवी पत्नी अर्जुन, सत्यनरायन पुत्र भगौती, प्रेमा बेगम पत्नी मोहर्रम अली, मसूद खां पुत्र मोहम्मद रफीक, शिवकली पत्नी शिवप्रसाद, सूबेदार पुत्र सीताराम, रामावती पत्नी रामरूप व दो लोग अज्ञात शामिल हैं।

विशेश्वरगंज के ब्लॅाक प्रमुख राना अगम सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 के शुरुआती माह में चुनाव हुए थे। लगभग डेढ़ साल बीत चुका है। मगर अभी तक किसी मतदाता और सहायक ने कोई शिकायत नहीं की। पर अब अचानक मामले को तूल देने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा सरकार बनने पर उत्पीड़न कर हमें हटाने का प्रयास हो रहा है। फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर परेशान किया जा रहा है। 
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