बहराइच। सरयू तटवर्ती गांवों पर कहर बरपा रही है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे जानकीनगर गांव को कटान से बचाने के लिए 50 लाख की लागत से बनाया गया बल्ली पाइलिंग व जियो ट्यूब नदी में समाहित हो गया। नदी ने इस दौरान चार घरों को भी निगल लिया। कटान से दहशतजदा ग्रामीण स्वयं नाव का इंतजाम कर गृहस्थी समेट सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
एल्गिन ब्रिज पर शनिवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर दर्ज किया गया। नदी के कटान से जानकीनगर व आसपास के गांव को बचाने के लिए 50 लाख की लागत से बल्ली पाइलिंग व जियो ट्यूब प्रोजेक्ट कुछ दिन पूर्व ही लगाया गया था।
प्रोजेक्ट के तहत जियो ट्यूब से नदी की धारा को दूसरी ओर मोड़ने का प्रयास हो रहा था। सुबह 10 बजे तेज कटान करते हुए नदी ने पूरे प्रोजेक्ट को बर्बाद कर दिया। तीन जियो ट्यूब के साथ करीब 50 एकड़ उपजाऊ खेत और त्रिभुवन, प्रताप, जगदीन व गोपी लाल के आवासीय मकान नदी में बह गए।
लोग नावों पर गृहस्थी व मवेशी लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करते दिखाई दिए। जिनके मकान कटान के मुहाने पर हैं, वे मजबूरी में अपने घरों को खुद ही ढहाकर सामान निकालने को विवश हैं। सरयू के उफान से महसी, कैसरगंज, नानपारा और मिहींपुरवा तहसीलों के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
अफरा-तफरी में बीत रहीं रातें
कटान प्रभावित लोग अब दहशत में जी रहे हैं। गांवों में रातभर लोग जागते रहते हैं कि कहीं कटान से उनका आशियाना न ध्वस्त हो जाए। जिनके घर नदी से सटे हैं, वे रोज यह डर लेकर जी रहे हैं कि अगली सुबह कहीं उनका घर नदी में न समा जाएगा। इससे परेशान लोगों ने शनिवार को डीएम से बात कर अपनी समस्याएं बताईं। इस पर डीएम ने एसडीएम सहित सीओ व तहसीलदार को मौके पर भेज राहत कार्य करने का आदेश दिया है।
एसडीएम व तहसीलदार को मौके पर भेजा गया है। बाढ़ डिविजन के अधिकारी भी मौके पर हैं। कितना नुकसान हुआ है, इसका जायजा लिया जा रहा है।
अक्षय त्रिपाठी डीएम