गोंडा मार्ग पर बंद पड़ा पेट्रोल पंप। -संवाद
बहराइच/मिहींपुरवा/मटेरा/नानपारा। जिले में ईंधन संकट गहराता जा रहा है। पेट्रोल पंपों पर गैलेन और पिपिया लेकर खड़े लोगों की लंबी कतारें अब आम तस्वीर बन चुकी हैं। हालात ये रहे कि रविवार को सुबह से कतार में लगे लोग घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटने के लिए मजबूर हो रहे हैं। दोपहर ढलते-ढलते ज्यादातर पंपों पर नो स्टॉक की स्थिति बन जा रही है।
रविवार को कुड़वा मोड़ स्थित पेट्रोल पंप पर सैकड़ों लोग लाइन में खड़े रहे, लेकिन शाम तक डीजल-पेट्रोल खत्म होने की घोषणा ने लोगों की उम्मीदें तोड़ दीं। ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना रहा कि यह समस्या अब रोजमर्रा का संकट बन चुकी है, जिससे खेती-बाड़ी से लेकर व्यापार तक प्रभावित हो रहा है।
कतार में लगे असलम ने कहा कि जब तक सीमा पार तस्करी पर रोक नहीं लगेगी, तब तक यह किल्लत खत्म नहीं होगी। हालांकि पेट्रोल पंप संचालक इस आरोप से इन्कार करते हैं। इंडियन ऑयल पंप संचालक राजेश कुमार के अनुसार, गैलेन-पिपिया में अधिक मात्रा में ईंधन लेने वालों की वजह से असली जरूरतमंदों को दिक्कत हो रही है।
ईंधन संकट का असर अब आम जनजीवन पर साफ दिखने लगा है। किसान सिंचाई और मड़ाई वास्ते डीजल के लिए तरस रहे हैं। दिहाड़ी मजदूरों और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है।
बयान पर उठे सवाल
जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी का कहना है कि ऑयल कंपनियों से नियमित आपूर्ति हो रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है।
गैलेन-पिपिया में बिक्री पर रोक
डीएसओ ने कहा कि सभी 121 पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए हैं कि गैलेन व पिपिया में ईंधन न दिया जाए। अधिक भंडारण से संकट बढ़ने की बात कहते हुए पंपों पर पुलिस की तैनाती की भी जानकारी दी गई है।