बहराइच। सिविल लाइन बिजली उपकेंद्र में तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार सुबह छह बजे से बुधवार सुबह पांच बजे तक आधे शहर की बिजली कटी रही। इससे लगभग पौने दो लाख की आबादी बेहाल रही। कटौती से गुस्साए लोगों ने मंगलवार देर रात उपकेंद्र का घेराव कर बौद्ध परिपथ पर जाम लगा दिया। इससे लगभग दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। मंगलवार सुबह करीब छह बजे कटी बिजली बुधवार सुबह पांच बजे बहाल हो पाई।
शहर के ढपालीपुरवा, बड़ी हाट, मेवाती पुरा, बरहियापुरा, सरस्वती नगर, स्टील गंज, लोहा मंडी, हुजूरपुर रोड और नानपारा बाईपास रोड, मेडिकल कॉलेज, विकास भवन, कलेक्ट्रेट, वन निगम, कृषि उपकेंद्र, किसान महाविद्यालय और नवोदय विद्यालय जैसे कई प्रमुख इलाकों में बिजली की आपूर्ति ठप रही।
बिजली न होने से कार्यालयों में कामकाज भी प्रभावित रहा। मंगलवार सुबह से बिजली कटी होने के कारण लोगों ने सोचा कि यह सामान्य कटौती होगी या मरम्मत का काम चल रहा होगा, लेकिन जब देर रात तक आपूर्ति शुरू नहीं हुई, तो लोगों का धैर्य जवाब दे गया।
मंगलवार रात नौ बजे के बाद गुस्साए लोग उपकेंद्र के सामने जमा होने लगे। जब उन्हें पता चला कि सुबह से आई खराबी को अब तक ठीक नहीं किया जा सका है, तो उनका गुस्सा भड़क उठा।
बिजली और पानी के संकट से परेशान शहरवासियों ने तुरंत बौद्ध परिपथ पर सीढ़ी और बाइकें खड़ी कर जाम लगा दिया, इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली नगर और देहात की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन प्रदर्शनकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को बुलाने पर अड़े रहे।
आखिरकार, अधीक्षण अभियंता विजय राजपूत मौके पर पहुंचे और किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद तकनीकी टीम बुलाई गई और फॉल्ट को ठीक करने का काम शुरू हुआ। पूरी रात मरम्मत का काम चलता रहा, बुधवार सुबह पांच बजे बिजली की आपूर्ति बहाल हो सकी। आधे शहर ने पूरी रात अंधेरे में गुजारी।
बार-बार आ रही थी ट्रिपिंग की समस्या
अधीक्षण अभियंता विजय राजपूत ने बताया कि उपकेंद्र के फीडर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण आपूर्ति बाधित हुई थी। कर्मचारी लगातार काम कर रहे थे, लेकिन फॉल्ट पकड़ में नहीं आ रहा था, जिससे बार-बार ट्रिपिंग की समस्या आ रही थी। उन्होंने कहा कि तकनीकी टीम ने समस्या को पूरी तरह ठीक कर लिया है, अब आपूर्ति निरंतर जारी है।