बहराइच। हेलो कंट्रोल रूम... मैं छावनी बाजार से बोल रहा हूं, आज चौथा दिन हो गया और हमारे मोहल्ले में सब्जी वाला नहीं है...। मैं डीएम कॉलोनी से बोल रहा हूं। जो लिस्ट डीएम कार्यालय से पास हुई है। उससे अधिक रेट पर ठेले वाले फल बेच रहे है...। हेलो साहब! मेरे घर में कुट्टु़ का आटा खत्म हो गया है। दुकान पर मिल नहीं रहा है? आटा दिलवा देंगे? कुछ ऐसे ही समस्याएं कंट्रोल रूम में लोगों ने फोन करके बताईं। कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारियों ने जवाब दिया कि आप परेशान न हों। आपकी समस्या को नोट कर लिया गया है। जल्द ही आपके पास टीम के लोग पहुंचकर आपकी समस्या दूर करेंगे।
देश में बढ़ रहे कोरोना के प्रकोप को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया। लॉकडाउन के दौरान बहराइच में किसी को भी कोई समस्या न हो। इसके लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित सीएमओ कार्यालय सभागार में कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें तीन शिफ्ट में अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। कंट्रोल रूम के प्रभारी सीआरओ प्रदीप कुमार यादव व पीडी अनिल सिंह को बनाया गया है।
सीआरओ ने बताया कि अधिकतर कालें मोहल्ले में सब्जी वाले नहीं आए हैं। फोन मिलाया जा रहा है तो लगातार बिजी बता रहा है जैसी शिकायतें आ रही हैं। शिकायतों के निस्तारण के लिए गठित की गई टीमों को अवगत कराया जाता है। टीमें पीड़ित परिवार या लोगों के पास पहुंचकर उनकी समस्या का समाधान कराती हैं। शनिवार को ऐसी लगभग दो सौ शिकायतें आईं।
एक शिफ्ट में हैं नौ कर्मचारी
कंट्रोल रूम में शिकायतों के निस्तारण के लिए तीन शिफ्ट में बांटा गया है। पहला शिफ्ट सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक। दूसरा शिफ्ट तीन बजे से रात 10 बजे तक और तीसरा शिफ्ट रात 10 बजे से सुबह सात बजे तक। हर शिफ्ट में नौ कर्मचारी तैनात हैं। जो समस्याएं सुनकर नोट करते हैं और संबधित मोहल्ले में अधिकारी को बताकर समस्या के समाधान केे लिए तैनात अधिकारी को अवगत कराते है।