जिला अस्पताल में डॉक्टरों की मनमानी रुक नहीं रही है। सोमवार आधी रात को सीने में दर्द से तड़प रहे व्यक्ति को परिवारीजन अस्पताल लेकर पहुंचे। ईएमओ ने विशेषज्ञ को कॉल किया लेकिन उनका फोन ही नहीं उठा। इस पर कर्मचारी को आवास भेजा गया लेकिन उसका भी फायदा नहीं हुआ।
अंतत: दरवाजे को ईंट से पीट-पीटकर कर चिकित्सक को उठाने में सफलता मिल पाई। इसके चलते मरीज सीने में दर्ज से दो घंटे तड़पता रहा। इस पर सीएमएस ने चिकित्सक को नोटिस जारी करने का साथ विभागीय कार्रवाई भी शुरु की है।
नगर क्षेत्र में नाजिरपुरा निवासी अबू सूफियान (42) पुत्र रमजान को सीने में तेज दर्द होने पर रविवार की रात साढ़े ग्यारह बजे परिवारीजन आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गए।
इमरजेंसी ड्यूटी पर मिले डॉ. आरके वर्मा ने इलाज शुरु किया लेकिन हार्ट अटैक की आशंका के मद्देनजर उन्होंने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मलय श्रीवास्तव को कॉल किया। उनका फोन नहीं उठा। प्रकरण से मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय को अवगत कराया गया।
सीएमएस के निर्देश पर एक कर्मचारी कॉल रजिस्टर लेकर डॉ. मलय के आवास पहुंचा। वहां मिले नौकर ने डॉक्टर के लखनऊ में होने की बात कहकर कर्मचारी को वापस कर दिया। इस बीच एक घंटा का समय बीतने के साथ मरीज दर्द से कराह रहा था।
इलाज में लापरवाही से तीमारदारों में आक्रोश बढ़ता देख सीएमएस ने दूसरे कर्मचारी को डॉ. मलय के आवास भेजा। कर्मचारी आधे घंटे तक डॉक्टर को आवाज लगाता और दरवाजा खटखटाता रहा लेकिन वह नहीं उठे। इस पर झुंझलाए कर्मचारी ने ईंट से दरवाजा पीटना शुरु किया। इसके बाद डॉक्टर की नींद खुली।
परिवारीजनों के मुताबिक करीब दो घंटे बाद डॉ. मलय जिला अस्पताल पहुुंचे और सूफियान का इलाज शुरु कराया। इससे गुस्साए सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय ने डॉ मलय को नोटिस जारी करते हुए भविष्य में ऐसी गलती करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके साथ विभागीय कार्रवाई शुरु की गई है।