बहराइच। जिले में तीन टोल प्लाजा संचालित हैं, लेकिन इन टोल प्लाजा पर दूसरे प्रदेश या अन्य जिलों से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच नहीं हो रही है। स्वास्थ्य कर्मी सिर्फ नगर और ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना जांच कर इति श्री कर रहे हैं। ऐसे में दिल्ली, महाराष्ट्र या अन्य प्रांत से आने वाले लोग कोरोना की रफ्तार बढ़ा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग भी ध्यान नहीं दे रहा है।
प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण को कम करने और उसके संपर्क में आए लोगों की तलाश करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। उसके तहत टोल प्लाजा पर बसों को रोक कर उसमें सवार यात्रियों की कोरोना जांच की जाए, लेकिन जिले में ऐसा स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से नहीं किया जा रहा है। लखनऊ-बहराइच मार्ग पर कैसरगंज के कुड़ौनी, नानपारा-रुपईडीहा मार्ग पर चीनी मिल के निकट और बौद्ध परिपथ पर कल्पीपारा में टोला प्लाजा संचालित है, लेकिन इन टोल प्लाजा पर किसी भी स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती नहीं है, जिससे इन क्षेत्र की बसें बेधड़क यात्रियों को यात्रा करवा रही हैं। ऐसे में दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से आने वाले लोग संक्रमण फैला सकते हैं। कोरोना संक्रमित परिवारीजनों में भी फैल सकता है। इससे विकराल समस्या हो सकती है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग शासनादेश को नजरंदाज कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की नजरंदाजी जिलेवासियों पर भारी पड़ सकती है।
आसाम रोड से दिल्ली तक जाते हैं लोग
बौद्ध परिपथ पर आसाम रोड है। इस मार्ग से दिल्ली, बरेली, बस्ती, बिहार से लेकर सीधे लोग आसाम तक यात्रा करते हैं। ऐसे में इस रूट पर बसों में यात्रियों में कोरोना जांच की आवश्यकता है।
वर्जन
सीएचसी को दिए गए हैं निर्देश
टोल प्लाजा पर बसें रुकवाकर यात्रियों की कोरोना जांच करने का शासनादेश अभी नहीं मिला है। शासनादेश मिलने पर अमल किया जाएगा। वैसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों को निर्देशित किए गए हैं। जहां भी लोग दिखें, उनकी कोरोना जांच की जाए।
डॉ. अजीत चंद्रा, प्रभारी सीएमओ