जिले की शांति के लिए एक साथ आए हिंदू और मुस्लिम धर्मगुरु
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अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील, सद्भाव में मांगा सभी का साथ संवाद न्यूज एजेंसी बहराइच। हिंसा हल नहीं है। समाधान तो शांति से ही आएगा...। इसके लिए जरूरी है सतर्कता की। अफवाहों को दरकिनार करने की। सौहार्द के इसी संदेश के साथ बृहस्पतिवार को धर्मगुरु सामने आए। मानवता के लिए मोहब्बत का पैगाम दिए और समाज से यह विश्वास भी मांगा कि अब माहौल नहीं बिगड़ने देंगे। बहराइच को खुशहाल रखेंगे। अमन के लिए पहल करेंगे। गले मिलेंगे। शिकवा नहीं...संबंधों को प्रगाढ़ करेंगे। हाथ थामेंगे और पुरानी बातों को भुला तरक्की की राह पर चल पड़ेंगे।
पांडवकालीन प्रसिद्ध श्रीसिद्धनाथ मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी रविगिरीजी महाराज ने महराजगंज में युवक की हत्या की घटना व उसके बाद फैली हिंसा को गलत बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अपना कार्य कर रहा है। ऐसे में सभी शांति व सौहार्द का माहौल बनाए रखें। अगामी त्योहारों को भाईचारे के साथ पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाएं। अफवाहों पर ध्यान न दें।
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छावनी स्थित श्रीराम जानकी पंचायती मंदिर के पुजारी राधाकृष्ण पाठक ने भी जिलेवासियों से शांति व सद्भावना बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि न पथराव सही था और न हत्या। आगजनी और हंगामा भी सही नहीं था। किसी भी समाज के लिए ऐसी घटनाएं सही नहींं हैं। हमें अब इससे परहेज करना है। आगे बढ़ना है। शांति के पथ पर...तरक्की के पथ पर।
जमीयत उलेमा के सदर मौलाना कारी जुबेर अहमद कासमी व उनामी आला मौलाना इनायत उल्लाह कासमी ने भी जनपदवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम इस बात की इजाजत नहीं देते कि समाज में अशांति पैदा की जाए। इसलिए सभी को इस्लाम धर्म में दिए गए संदेश व इस नाजुक मौके पर शांति व सद्भावना बनाए रखना होगा।
जमीअत उलेमा जिला के सदर मौलाना कारी जुबेर अहमद कासमी, महासचिव मौलाना इनायत उल्लाह कासमी, जमीअत उलेमा उत्तर प्रदेश के सचिव हाफिज सईद अखतर नूरी ने मुस्लिम समुदाय से शांति की अपील की। सभी ने कहा कि बीते दिन जो हुआ वह गलत है। अब शांति में सभी अपना योगदान दें।
जामा मस्जिद दरगाह शरीफ के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद अरशदुल कादरी ने कहा कि सभी जिले में अमनचैन बनाए रखने के लिए प्रशासन को सहयोग दें। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट न डालें। शाही इमाम ने कहा कि 18 अक्तूबर को जुमे की नमाज के बाद सभी अपने गांवों व मोहल्लों में सीधे पहुंचें। समूह में एकत्रित न हों। जिले में पूरी शांति व्यवस्था बनाएं रखें। मानवता के लिए यही सही है। हमें यही करना भी है।