रुपईडीहा। प्रतिबंधित संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े अजनाला थाना हमले के वांछित आरोपी विक्रमजीत सिंह की गिरफ्तारी और एक अमेरिकी नागरिक को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराने की कोशिश के खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नेपालगंज से रुपईडीहा तक मुख्य चेकपोस्ट से बचते हुए पगडंडी मार्गों के जरिये प्रवेश कराने की तैयारी थी, लेकिन एसएसबी और रुपईडीहा पुलिस की संयुक्त सतर्कता से पूरी साजिश नाकाम हो गई।
भारत-नेपाल की करीब 96 किलोमीटर लंबी खुली सीमा पर स्थित 24 पगडंडियां अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई हैं। बहराइच की सीमा पर रुपईडीहा, बाबागंज, सुजौली, मिहींपुरवा और कतर्नियाघाट क्षेत्र में लगभग 24 ऐसे संपर्क मार्ग हैं, जहां केवल खेत, नाले या कच्चे रास्ते भारत और नेपाल को अलग करते हैं।
स्थानीय नागरिकों की आवाजाही के कारण इन मार्गों को पूरी तरह बंद करना संभव नहीं है, लेकिन इन्हीं रास्तों का फायदा उठाकर तस्कर, अवैध घुसपैठिये और संदिग्ध तत्व भारत में घुसपैठ की कोशिश करते हैं।
बृहस्पतिवार को अजनाला थाना हमले के आरोपी और अमेरिकी नागरिक की घुसपैठ की कोशिश के बाद एसएसबी, पुलिस, आईबी, एसबी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने संवेदनशील पगडंडी मार्गों का नए सिरे से चिह्नीकरण शुरू कर दिया है।
जिन स्थानों पर निगरानी अपेक्षाकृत कमजोर है, वहां अतिरिक्त गश्त, सत्यापन अभियान और खुफिया निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही सीमा पार कराने वाले नेटवर्क की आर्थिक और आपराधिक गतिविधियों की भी जांच जारी है।)