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सिर्फ 33 प्रतिशत हो रही आरटीपीसीआर जांच

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बहराइच। ऑपरेशन या दूसरे प्रदेश की यात्रा करने के लिए आरटीपीसीआर जांच को ही माना जा रहा है। इसके बावजूद जिले में सिर्फ 33 प्रतिशत आरटीपीसीआर जांच हो रही है, जबकि 67 प्रतिशत एंटीजन की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रतिदिन 1550 लोगों की जांच स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से की जा रही है। आरटीपीसीआर जांच की महत्ता को देखते हुए शासन ने इसे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसे लागू करने के लिए सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षकों को दिशा निर्देश दिए हैं।
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जिले में सर्दी शुरू हो गई है। ठंड बढ़ने के साथ ही कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा भी होने लगा है। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रदेश सरकार ने जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अप्रैल से जिले में आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच शुरू हुई। शासन के अनुसार सिर्फ 30 प्रतिशत लोगों की ही आरटीपीसीआर जांच हो रही थी। इसे शासन ने बढ़ाते हुए 40 प्रतिशत करने के निर्देश दिए हैं, जबकि एंटीजन जांच को 60 प्रतिशत करने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी सीएमओ डॉ. अजीत चंद्रा ने बताया कि जिले में प्रतिदिन करीब 1550 लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। इनमें 33 प्रतिशत आरटीपीसीआर जांच हो रही है, जबकि 67 प्रतिशत एंटीजन जांच की जा रही है। सीएमओ ने बताया कि शासन का दिशा निर्देश मिला है। आरटीपीसीआर सैंपल 40 प्रतिशत करने के लिए सभी सीएचसी के अधीक्षकों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही शासन के बताए लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। कोरोना जांच की रफ्तार भी बढ़ेगी।
ऑपरेशन के लिए आरटीपीसीआर जांच ही मान्य
स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. आरके बसंत ने बताया कि किसी भी व्यक्ति हाइड्रोसील, हार्निया या अन्य ऑपरेशन के लिए आरटीपीसीआर जांच ही मान्य है। एंटीजन जांच रिपोर्ट पर ऑपरेशन चिकित्सक नहीं करेगा।
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