बहराइच। जिले में डीजल और पेट्रोल का संकट एक बार फिर गहराने लगा है। बुधवार रात से 28 पंपों पर डीजल और पेट्रोल खत्म हो गया, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शहर के कई प्रमुख पेट्रोल पंप बंद रहे, जबकि जहां तेल उपलब्ध था, वहां सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। हालात ऐसे रहे कि वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
जिले में कुल 121 पेट्रोल पंप हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर पंपों पर तेल की किल्लत शुरू हो गई है। शहर के गोंडा रोड, लखनऊ रोड और नानपारा रोड स्थित कई पंपों पर मंगलवार रात में ही तेल खत्म हो गया था। बुधवार सुबह शहर के पांच पंप पूरी तरह बंद मिले। नानपारा क्षेत्र के दो पंपों पर भी डीजल और पेट्रोल खत्म हो गया। केवल एक पंप पर तेल मिल रहा था, जहां वाहनों की लंबी लाइन लगी रही।
डीजल संकट का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों और किसानों पर पड़ रहा है। मटेरा क्षेत्र में मक्का की कटाई का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन पंपों पर डीजल न मिलने से कृषि कार्य प्रभावित होने लगे हैं। क्षेत्र के भारत पेट्रोल पंप, जय भीम पेट्रोल पंप समेत कई पंपों पर सन्नाटा पसरा रहा।
किसान राम सोहवन ने बताया कि क्षेत्र के चारों पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म है, जिससे ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनें बंद पड़ी हैं। वहीं रजनीश ने कहा कि हालात देखकर लग रहा है कि जिले में फिर से ईंधन संकट गहरा सकता है।
उधर, प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक ही खोलने के आदेश के कारण भी लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रात में सफर करने वाले वाहन चालकों और बाहर से आने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग देर रात पेट्रोल पंप बंद मिलने के कारण रास्ते में फंस जा रहे हैं।
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टैंकर पहुंचने में देरी होने से हुई दिक्कत
जिला आपूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि तेल की आपूर्ति सामान्य रूप से की जा रही है। कुछ स्थानों पर टैंकर पहुंचने में देरी के कारण समस्या हुई है। पेट्रोल पंप संचालकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और जल्द व्यवस्था सामान्य कराने का प्रयास किया जा रहा है।