बाबागंज (बहराइच)। बाबागंज रेलवे स्टेशन को हाॅल्ट स्टेशन का दर्जा दिए जाने पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। नाराज कस्बावासियों ने क्षेत्रीय सांसद को पत्र सौंपकर रेलवे स्टेशन को पूर्व की भांति संचालित कराने की मांग की है।
नेपाल सीमा से सटा बाबागंज कस्बा नवाबगंज विकासखंड का मुख्यालय है। यह पड़ोसी श्रावस्ती जिले की तहसील मल्हीपुर को जोड़ता है। मुख्यालय पर ब्लाॅक संसाधन केंद्र, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पीएचसी, एसएसबी मुख्यालय समेत मिहींपुरवा के कई गांवों को भी जोड़ता है। नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र से जुड़ा होने के चलते यहां आजादी के दौरान छोटी लाइन बिछाकर रेलवे स्टेशन की स्थापना कराई गई थी, लेकिन मौजूदा समय बहराइच-रूपईडीहा मार्ग पर अमान परिवर्तन के तहत बड़ी लाइन बिछाने का काम चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अमान परिवर्तन के दौरान रेलवे प्रशासन बाबागंज रेलवे स्टेशन को हाल्ट स्टेशन का दर्जा देने की तैयारी में है। बाबागंज को हाल्ट स्टेशन का दर्जा मिलने के बाद स्टेशन पर मिलने वाली सुविधाओं से यहां के लोग वंचित हो जाएंगे। सभी ट्रेनों का ठहराव भी बंद हो जाएगा।
कस्बेवासियों ने बाबागंज रेलवे स्टेशन को हाॅल्ट में तब्दील करने पर गहरी नाराजगी जताई है। अधिवक्ता मनोज कांत पाठक, सतीश कुमार, मोहम्मद असरार, दिनेश शर्मा, अंसार अंसारी, भाजपा जिला कार्यकारिणी के सदस्य देवेंद्र पाठक, मंडल महामंत्री विजय तिवारी समेत कई गणमान्य व समाजसेवियों ने जिले के सांसद से मामले में हस्तक्षेप कर बाबागंज रेलवे स्टेशन को पूर्व की भांति संचालित कराने की मांग की है।