बहराइच। सैयद सालार मसूद गाजी व महाराजा सुहेलदेव के बीच हुई ऐतिहासिक जंग का चित्तौरा झील साक्षी था। चित्तौरा झील के तट को विश्व धरोहर बनने के लिए पर्यटन विभाग 45 करोड़ की लागत महाराजा सुहेलदेव स्मारक बनाया है। इसका उद्घाटन 10 जून को मुख्यमंत्री कर सकते हैं। इसको लेकर प्रशासन तैयारियां कर रहा है। यहां आठ जून से विजयोत्सव कार्यक्रम प्रारंभ होगा।
बहराइच के पूर्वी छोर पर स्थित चित्तौरा झील के तट पर हजार साल पहले विदेशी आक्रांता मसूद गाजी से महाराजा सुहेलदेव ने संस्कृति परंपरा और सभ्यता की रक्षा के लिए युद्ध किया था। इतिहास के पन्ने पलटें तो पता चलता है कि इस युद्ध में महाराजा सुहेलदेव विजयी हुए थे, जबकि विदेशी आक्रांता मसूद गाजी को युद्ध में अपनी सेना सहित शहीद होना पड़ा था।
महाराजा सुहेलदेव की शौर्य गाथा से आमजन को परिचित कराने के लिए चित्तौरा झील के तट पर 16 फरवरी 2021 को वसंत पंचमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से महाराजा सुहेलदेव स्मारक का शिलान्यास किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिलान्यास के बाद से पर्यटन स्थल के विकास कार्यों पर स्वयं नजर रख रहे थे। उद्घाटन के समय ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यटन स्थल को विश्व धरोहर के रूप में पर्यटन के मानचित्र में शामिल करने की बात कही थी।
45 करोड़ से अधिक की लागत से अब महाराजा सुहेलदेव पर्यटन स्थल भव्यतम रूप से बनकर तैयार है। इस बार झील के तट पर महाराजा सुहेलदेव विजय उत्सव का आगाज 8 जून को होगा। इस विजय उत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी आने का कार्यक्रम संभावित है। झील के तट पर तैयारियां तेज है।
जानिए पर्यटन स्थल में क्या-क्या है
महाराजा सुहेलदेव स्मारक पर्यटन स्थल का मुख्य गेट पर्यटन स्थल की भव्यता का संदेश दे रहा है। इसके अलावा यहां पर कैंटीन, गेस्ट हाउस का निर्माण हुआ है, जबकि मंदिर, झील के तट को नए अंदाज में संवारा गया है। नवग्रही हर्बल गार्डन, वीआइपी गेस्ट हाउस, 300 मीटर झील का पक्का घाट और 40 फुट ऊंची महाराजा सुहेलदेव की कांस्य प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है।
डीएम ने की जांच
डीएम मोनिका रानी, सीडीओ मुकेश चंद्र, एसपी आरएन सिंह सहित कई अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच कर कराए गए कार्य का जायजा शुक्रवार को लिया। इसके साथ मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम को देखते कई योजनाओं को मूर्त रूप देने की पहल शुरू कर दिया है।