तेजवापुर(बहराइच)। हरदी क्षेत्र के खभरिया हरदो पट्टी के बैजला गांव में बुधवार रात एक जंगली जानवर ने घर में घुसकर मां के साथ सो रहे बच्चे को उठाने का प्रयास किया। बच्चे की आवाज सुन जागे परिजनों के शोर मचाने के बाद जानवर भाग गया। इस जानवर के हमले में बच्चे के गले पर उसके दांत से गहरा छेद हो गया है। घायल बच्चे को सीएचसी लाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
लवकुश उर्फ अमन (12) पुत्र बाबा दिन मां के साथ आंगन में चारपाई पर सो रहा था। बुधवार रात करीब एक बजे घर में घुसे जंगली जानवर ने लवकुश की गर्दन को अपने जबड़े में जकड़ लिया। लवकुश के चिल्लाने पर मां जाग गई। मां के शोर मचाने के बाद जानवर घर के बाहर भाग खड़ा हुआ। ग्रामीणों ने दौड़कर उसका पीछा किया, लेकिन वह गन्ने के खेत में छिप गया। ग्राम प्रधान विनय कुमार पांडेय रात में ही डीएफओ व रेंजर बहराइच को घटना की सूचना दी।
वहीं, बच्चे को इलाज के लिए सीएचसी लाया गया। चिकित्सकों के अनुसार बच्चे की गर्दन पर घाव गहरा है, जिसे ठीक होने में समय लगेगा। जानवर भेड़िया था या कोई और यह स्पष्ट नहीं हो पाया।
एक और हमले से ग्रामीण परेशान
गदामार कला गांव में एक बच्चे को सोमवार रात भेड़िया उठा ले गया था। जिसे वह करीब एक किमी दूर गन्ने के खेत में ले जाकर उसके शव को खा लिया था। बच्चे का दो हाथ व एक पैर गायब मिला था। इस हमले को वन विभाग भेड़िया का हमला नहीं मान रहा। इस हमले को भी ग्रामीण भेड़िए से ही जोड़ रहे हैं। जबड़े का कसाव भेड़िए जैसा बताया जा रहा है।
फिर उठी लंगड़े भेड़िए की बात
इस क्षेत्र में लंगड़ा भेड़िया ग्रामीणों के बीच आतंक का पर्याय बना हुआ है। यह नाम विगत वर्ष जून से लेकर अक्तूबर तक हुए भेड़िए के हमले के दौरान ग्रामीणों द्वारा दिया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि विगत वर्ष हुए सभी हमले में एक लंगड़े भेड़िए की उपस्थिति रही। गदामार कला में भी ग्रामीण उसकी उपस्थिति का दावा कर रहे हैं। बैजला गांव में भी लंगड़े भेड़िए की उपस्थिति का ग्रामीणों में दहशत साफ दिखाई दिया। वन विभाग इस तरह के सभी दावों को सिरे से खारिज कर रह है।
घाव से हो सकती है पहचान
जबड़े से दिए गए घाव से ही पता चलता है कि काटने वाला जानवर कौन है। पशु चिकित्सक आरके पांडे बताते हैं कि भेड़िए की बाइट सामान्य स्थिति में 400 पीएसआई व आक्रामक होने पर बढ़ कर 1,200 पीएसआई (पाउंड प्रति वर्ग इंच) हो जाती है। ऐसे ही सियार की 157 से 450 पीएसआई और आक्रामक होने पर 600 व कुत्ते की सामान्य तौर पर 90 से 300 के मध्य होरी है। लेकिन जब वह आक्रामक हो जाता है तो बढ़कर 500 पीएसआई हो जाती है।