रूपईडीहा (बहराइच)। आगामी लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए नेपाल सीमा पर चाक-चौबंद इंतजाम किए जा रहे हैं। सीमा सुरक्षा को लेकर सोमवार को नेपाल व भारत के पांच जिलों के डीएम, एसपी व एसएसबी के अफसरों की बैठक हुई। इसमें डीआईजी देवीपाटन मंडल भी शामिल हुए।
बैठक में तय किया गया कि भारत के साथ ही नेपाल भी अपने क्षेत्र मे बैरियर बनाकर सीमा पार करने वाले अराजतकतत्वों की निगरानी करेगा। साथ ही दोनों देश अपने अपने यहां सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर एक दूसरे को सौंपेंगे। इसके अलावा चुनाव के दौरान 48 घंटे तक सीमा सील करने पर भी चर्चा की गई। साथ ही प्रमुख जगहों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भी होगी। सीमा पार करने वाले लोगों को बिना पहचान पत्र दिखाए आने व जाने भी नहीं दिया जाएगा।
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थित आईसीपी रुपईडीहा सभागार में सोमवार को भारत व नेपाल के कई जिलों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सीमा पर चौकसी बरतने, अपराधियों पर लगाम लगाने सहित आदि विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने लोकसभा चुनाव के दिन सीमा पर विशेष निगरानी रखने की बात कही। साथ ही सीमा के दोनों तरफ मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और अपराधियों की धरपकड़ करने आदि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर कार्ययोजना बनाई गई।
इस दौरान नेपाल देश के अधिकारियों ने बताया कि नेपाल राष्ट्र की ओर से आवश्यक स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे। बैठक में भारत से देवीपाटन मंडल डीआईजी अमरेंद्र प्रसाद सिंह, डीएम बहराइच मोनिका रानी, एसपी वृंदा शुक्ला, डीएम बलरामपुर अरविंद सिंह, एसपी केशव कुमार, एसपी श्रावस्ती घनश्याम चौरसिया, एसएसबी 42वीं वाहिनी के उपकमाडेंट अनिल यादव, पार्थ सारथी शामिल रहे। वहीं नेपाल से बांके डीएम श्रवण कुमार, एसपी सुभाष चंद्र बोहरा, दांग डीएम राम बंधु सुवेदी, एसपी राम बहादुर केसी, बर्दिया, कंचनपुर, कैनाली आदि जिलों के डीएम, एसपी सहित 30 बटालियन एसपी बिमल दांगी मौजूद रहे। एडीजी गोरखपुर, एडीजी लखनऊ जोन और कमिश्नर देवीपाटन मंडल और लखीपुर व पीलीभीत के डीएम व एसपी बैठक से वर्चुअली जुड़े।
बहराइच में ही नेपाल की 105 किलोमीटर खुली सीमा
लोकसभा चुनाव के दौरान सीमापार से अराजकतत्व खलल डाल सकते हैं। इसको लेकर पुलिस व एसएसबी ने तैयारी तेज कर दी है। सीमावर्ती जिले बहराइच में ही करीब 105 किलोमीटर खुली सीमा नेपाल की पड़ती है। इसके अलावा श्रावस्ती, बलरामपुर, पीलीभीत व लखीमपुर खीरी जिले से भी नेपाल की खुली सीमा है। इस क्षेत्र में जंगल भी काफी मात्रा में है। ऐसे में अपराधी जंगल के रास्ते भी आ सकते हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए सीमा पर व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है।