बहराइच। गुरु गोविंद सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में पीपल तिराहा स्थित गुरद्वारा श्री गुरु सिंह सभा से नगर कीर्तन निकाला गया। संकीर्तन शोभायात्रा की शुरुआत में पंज प्यारे व गुरुग्रंथ साहब का रथ कीर्तन मंडली के साथ रवाना हुआ। सिख श्रद्धालु मार्ग की सफाई व पानी का छिड़काव करते रहे। केसरी दस्तारों में सजे बच्चे व महिलाएं गुरुवाणी करते हुए साथ चलती रहीं। गतका ग्रुप का प्रदर्शन देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी।
सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह की जयंती छह जनवरी को है। इसको लेकर शनिवार को श्री गुरु सिंह सभा गुरद्वारा से संकीर्तन शोभायात्रा निकाली गई। पंज प्यारे व गुरुग्रंथ साहब का रथ कीर्तन मंडली के साथ रवाना हुआ। पंज प्यारे की वेशभूषा में सजे बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे। महिलाएं प्रमुख मार्गों पर सफाई करते हुए पानी का छिड़काव करतीं रहीं।
यात्रा चौक बाजार से होते हुए घंटाघर चौराहा पहुंची, जहां दशमेश खालसा गतका ग्रुप मटेरा ने तलवारबाजी, आंखों पर पट्टी बांधकर तलवार चलाना, बर्फ पर तलवारबाजी आदि का प्रदर्शन किया। बाबा सुंदर सिंह मूक बधिर विद्यालय के बच्चों ने गुरुनानक देव के उपदेश पवन गुर, पानी पिता, माता धरती, का संदेश जनमानस को दिया। छावनी चौराहा, अग्रसेन चौक, डिगिहा तिराहा, गुरुनानक चौक, छोटी बाजार होते हुए यात्रा वापस गुरुद्वारा पहुंची। जहां हजूरी रागी भाई फतेह सिंह ने शब्द कीर्तन व हेड ग्रंथी ज्ञानी विक्रम सिंह ने गुरुद्वारे पर अरदास की।
इस दौरान धनौली, डीहवा, मटेरा, हीरा सिंह पुरवा, पयागपुर,फखरपुर की संगत भी शामिल हुई। शोभा यात्रा के समापन के बाद गुरु का अटूट लंगर चला। नगर में यात्रा के दौरान छोटे-छोटे बच्चों ने केसरिया दस्तार सजा के बोले सो निहाल के जयकारे लगाए। इस दौरान गुरद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष मनदीप सिंह, मनजीत सिंह, जगनंदन सिंह, भूपेंद्र सिंह वालिया, जगजीत सिंह, देवेंद्र सिंह बेदी, आत्मजीत सिंह, परविंदर सिंह सम्मी, राम सिंह, हरप्रीत सिंह, डाॅ. बलमीत कौर, अर्शदीप सिंह, गुरमीत सिंह मिंटू आदि मौजूद रहे।