बहराइच। कोविड-19 महामारी के चलते पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया गया था। इस दौरान व्यापारियों के साथ ही किसानों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो गया। किसानों व प्रवासी श्रमिकों को उन्नतिशील खेती के गुर सिखाकर उद्यान विभाग ने आर्थिक रूप से मजबूत करने का खाका तैयार किया है। मल्टीलेयर फार्मिंग के जरिए किसानों को एक एकड़ में पांच से दस लाख रुपये की आमदनी करने की योजना बनाई गई है।
देश में लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं। किसानों व प्रवासी श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्हें अब परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई की और अधिक चिंता सता रही है। ऐसे में सरकार ने विभिन्न विभागों की ओर से चलाई जा रहीं योजनाओं के माध्यम से लोगों को रोजगार से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। प्रमुख सचिव उद्यान बीएल मीणा व उद्यान निदेशक डॉ. एसबी शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को खेती से किसानों की आय बढ़ाने का निर्देश दिया था। इसी के बाद उद्यान विभाग की ओर से मल्टीलेयर फार्मिंग पर विशेष फोकस किया गया है।
एक एकड़ में रोपे जाएंगे 160 फलदार पौधे
मल्टीलेयर फार्मिंग के तहत उद्यान विभाग के सहयोग से एक एकड़ जमीन में 160 फलदार पौधे रोपने की योजना बनाई गई है। इसमें पपीता, नींबू, अमरूद, आडू, नाशपाती, किन्नू, आम, लीची, आंवला, कटहल समेत अन्य पौधे क्रमबद्ध तरीके से रोपे जाएंगे।
सब्जियों की फसल भी होगी आमदनी का जरिया
एक एकड़ में फलदार पौधे रोपने के बाद उसी जमीन में सब्जियों की भी खेती की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार परवल, कुंदरू, सेम, लौकी, तरोई, करेला, खीरा, कद्दू के साथ ही मौसमी सब्जियों की फसल लगाई जाएगी। सब्जियों की फसल से किसानों को नियमित रूप से दो से तीन हजार रुपये की आमदनी हो सकती है। इसके बाद फलदार पेड़ों से भी अच्छा मुनाफा होगा।
मल्टीलेयर फार्मिंग में बढ़ी किसानों की रुचि
जिले के तेजवापुर, चित्तौरा, मिहींपुरवा समेत अन्य ब्लॉकों के एक दर्जन से अधिक किसान मल्टीलेयर फार्मिंग में रुचि ले रहे हैं। यह खेती किसानोें व प्रवासी श्रमिकों के लिए वरदान साबित होगी। कृषि वैज्ञानिक समय-समय पर किसानों को जरूरी जानकारी देते रहेंगे।
वर्जन
मल्टीलेयर फार्मिंग से एक एकड़ में किसानों को वर्ष में पांच से दस लाख रुपये की आमदनी होगी। उद्यान विभाग की ओर से उन्नतिशील खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। खेती के दौरान विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर किसानों को जरूरी टिप्स देते रहेंगे।
-आरके वर्मा, वरिष्ठ उद्यान सलाहकार बहराइच