महसी में ड्रोन कैमरे से निगरानी करते वन विभाग के अधिकारी। - स्रोत : ग्रामीण
तेजवापुर। महसी तहसील के गांवों में वन्यजीव के हमले के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। शनिवार को भी हमलावर वन्यजीव का सुराग नहीं लग सका, ग्रामीण रतजगा करते हुए दहशत के साए में रात बिताने को मजबूर हैं।
ग्राम बभौंरी के बदनपुरवा, सिसैया चूड़ामणि और मोतीपुरवा गांवों में वन विभाग ने हमलावर वन्यजीव काे पकड़ने के लिए सात टीमें लगाई हैं। वन्यजीव की निगरानी के लिए पांच थर्मल कैमरे और दो ड्रोन कैमरे से वन्यजीव की निगरानी शुरू करवाई है, लेकिन वन्यजीव का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
वन विभाग और पुलिस, दोनों ही अलर्ट मोड में हैं, प्रभावित गांवों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित ग्रामीणों ने वन विभाग के साथ मिलकर शुक्रवार रात गश्त की, ड्रोन से जंगल के संभावित ठिकानों पर वन्यजीव को तलाश किया गया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
वन्यजीव के हमले में बृहस्पतिवार को दो महिलाओं समेत चार लोग घायल हो गए थे। इसके बाद से ग्रामीण पूरी रात जागकर डर के साए में बिता रहे हैं।
रेंजर मोहम्मद साकिब ने बताया कि वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और सर्च अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके साथ ही, ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है कि वे रात में बाहर न निकलें और बच्चों को अकेले बाहर न भेजें।