रिसिया (बहराइच)। थाना क्षेत्र के भैंसहा गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास रविवार को एक मासूम के हाथ को कुत्ते नोंचकर खा रहे थे। यह देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो तलाश के दौरान बाग में कटा हुआ सिर मिला। उसके धड़ की तलाश की गई, मगर वह आसपास कहीं नहीं मिला।
पुलिस की पूछताछ में बच्चे के गांव निवासी होने की पुष्टि हुई। तीन दिन से घर से लापता होने के बारे में भी जानकारी मिली। पुलिस ने उसके माता-पिता से पूछताछ करनी चाही, लेकिन वह भी घर से दो दिन से फरार हैं। पुलिस ने बरामद सिर व हाथ को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले मेें अभी तक केस नहीं दर्ज किया गया है।
रिसिया थाना क्षेत्र के भैंसहा गांव में रविवार की दोपहर प्राथमिक विद्यालय के निकट कुछ कुत्ते एकत्र थे। वह किसी बच्चे के हाथ को नोचकर खा रहे थे। यह देख ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद रिसिया के प्रभारी निरीक्षक प्रेमप्रकाश पांडेय, सुभाष यादव और एसओजी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और कुत्तों को भगाकर बच्चे के हाथ को कब्जे में ले लिया। इसके बाद आसपास छानबीन शुरू कर दी।
तलाश के दौरान भैंसहा-खींचनपुरवा संपर्क मार्ग के बीच में स्थित ज्ञान सिंह के बाग में एक छह वर्षीय मासूम का कटा हुआ सिर मिला। वह लगभग तीन दिन पुराना लग रहा था। जिसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से उसकी शिनाख्त शुरू कराई।
इस दौरान गांव के लोगों ने उसकी पहचान फरीद उर्फ सूरज यादव (6) पुत्र रामसंवारे उर्फ नान्हें यादव के रूप में की। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि फरीद उर्फ सूरज घर से लगभग तीन दिन से लापता था। उसके पिता ने गांव में इसकी चर्चा भी की थी, लेकिन पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी।
इस पर पुलिस रामसंवारे के घर पहुंची, लेकिन वहां ताला बंद मिला। पति और पत्नी के घर से लापता होने की जानकारी मिली। प्रभारी निरीक्षक प्रेमप्रकाश पांडेय ने बताया कि मासूम के धड़ की तलाश की गई है, लेकिन वह बरामद नहीं हो सकी है। घर पर किसी के न होने के कारण कोई जानकारी भी हासिल नहीं हो सकी है। फिलहाल बरामद कटे सिर व हाथ को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पत्नी का नाम नहीं बता सके ग्रामीण
पुलिस की पूछताछ में ग्रामीणों ने जानकारी दी कि रामसंवारे की कोई पत्नी नहीं थी। वह कुछ समय पूर्व एक महिला को घर लेकर आया था। उसी के साथ छह वर्षीय फरीद उर्फ सूरज भी था। तभी से वह गांव में रह रही थी। लेकिन ग्रामीणों को उसका नाम और पता नहीं मालूम था। ग्रामीणों की ओर से आशंका जतायी जा रही है कि पारिवारिक विवाद में मासूम की हत्या की जा सकती है।