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दरिंदगी की हद: हवस का हैवान मासूमों को बनाता शिकार, बेटियों से दुष्कर्म में चौथी बार आजीवन कारावास

Thu, 18 Dec 2025 02:16 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच

सार

बहराइच में हैवानियत का अचंभित करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दरिंदा बार-बार मासूमों को अपनी हवस का शिकार बना रहा था। कोर्ट ने बेटियों से दुष्कर्म में चौथी बार इसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 
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बेटियों से दुष्कर्म में चौथी बार आजीवन कारावास - फोटो : अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यूपी के बहराइच में पांच वर्ष की मासूम से दुष्कर्म के मामले में सुजौली गांव निवासी अविनाश पांडेय को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत ने बुधवार को चौथी बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 2.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले भी अविनाश को मासूमों से दुष्कर्म के तीन मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

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पीड़िता की मां ने तीन जुलाई 2025 को सुजौली थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि दो जुलाई की देर रात नींद खुलने पर सबसे छोटी पांच वर्षीय बेटी बिस्तर पर नहीं मिली। बच्ची का पता न चलने पर पुलिस ने मामले में पॉक्सो अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज करके विवेचना शुरू की। आरोपी सुजौली गांव निवासी अविनाश पांडेय उर्फ सिप्पल था। विवेचना पूरी करके रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की। 

बुधवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अरविंद कुमार गौतम ने अविनाश को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी का कृत्य गंभीर है और वह पूर्व में भी मासूमों के साथ इसी तरह के अपराध कर चुका है।

चौथी बार आजीवन करावास की सजा सुनाई गई

दुष्कर्मी अविनाश पांडेय उर्फ सिंपल को पहली बार 24 सितंबर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट की यह सजा जिले में बीएनएस की धाराएं लागू होने के बाद पहली सजा थी। तत्कालीन विशेष न्यायाधीश पाक्सो दीपाकांत मणि की कोर्ट ने आरोपी को तीन बार सजा सुनाई थी। वहीं बुधवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो अरविंद कुमार गौतम ने चौथी बार दोषी को सजा सुनाई है। अब इसके अतिरिक्त और कोई मुकदमे शेष नहीं हैं।

कब-कब हुई सजा

  • 24 सितंबर 2025 को आजीवन कारावास और एक लाख 60 हजार का जुर्माना
  • 29 सितंबर 2025 को आजीवन कारावास और दो लाख से अधिक का जुर्माना
  • 8 अक्तूबर 2025 को आजीवन कारावास और दो लाख 40 हजार का जुर्माना
  • 17 दिसंबर 2025 को आजीवन कारावास और दो लाख 60 हजार का जुर्माना
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